किच्छा: इधर पुलिस की बैरेकेडिंग उधर गांव के भीतर से सीमा पार

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किच्छा, अमृत विचार। उत्तराखंड उत्तर प्रदेश की सीमा पर प्रशासन द्वारा बैरिकेडिंग लगाकर सीमा सीज किए जाने तथा कोरोना जांच निगेटिव होने के बाद ही उत्तराखंड में प्रवेश दिए जाने के बाद लोगों ने ग्रामीण क्षेत्रों से उत्तराखंड में प्रवेश शुरू कर दिया है। सैकड़ों लोगों द्वारा ग्रामीण रास्तों से उत्तराखंड में गुपचुप प्रवेश किए …

किच्छा, अमृत विचार। उत्तराखंड उत्तर प्रदेश की सीमा पर प्रशासन द्वारा बैरिकेडिंग लगाकर सीमा सीज किए जाने तथा कोरोना जांच निगेटिव होने के बाद ही उत्तराखंड में प्रवेश दिए जाने के बाद लोगों ने ग्रामीण क्षेत्रों से उत्तराखंड में प्रवेश शुरू कर दिया है।

सैकड़ों लोगों द्वारा ग्रामीण रास्तों से उत्तराखंड में गुपचुप प्रवेश किए जाने का क्रम जारी है। उत्तराखंड -उत्तर प्रदेश के सीमावर्ती ग्राम सतुईया में ग्राम प्रधान प्रतिनिधि की अगुवाई में युवाओं की टीम ने अब खुद ही मोर्चा संभालते हुए ग्राम के प्रवेश रास्ते पर बैरिकेडिंग लगाकर बाहरी लोगों की आवाजाही बंद कर दी है।

उत्तराखंड उत्तर प्रदेश की सीमा पर पुलभट्टा थाना अंतर्गत ग्राम सतुईया क्षेत्र में पुलिस प्रशासन द्वारा बैरिकेडिंग लगाकर उत्तराखंड में राष्ट्रीय राजमार्ग से प्रवेश करने वाले लोगों के स्वास्थ्य जांच की जा रही है। सीमा पर स्वास्थ्य विभाग तथा पुलिस प्रशासन की टीम उत्तराखंड में प्रवेश करने वाले लोगों के स्वास्थ्य की जांच करते हुए उनके आधार कार्ड ,फोटो पहचान पत्र सहित अन्य दस्तावेजों की जांच कर उनका नाम पता अपने पास अंकित करने के साथ ही आरटी-पीसीआर जांच के माध्यम से कोरोना जांच कर रही है ।

उत्तराखंड सरकार ने बाहरी राज्यों से उत्तराखंड में प्रवेश करने वाले लोगों के लिए स्मार्ट सिटी वेबसाइट पर पूरा विवरण लोड करने के साथ ही करोना निगेटिव रिपोर्ट दिखाने के बाद ही उत्तराखंड में प्रवेश करने की अनुमति देने का नियम लागू किया है। पुलिस की जांच तथा प्रशासन के नियमों से बचने के लिए उत्तराखंड में प्रवेश करने वाले लोगों ने ग्रामीण क्षेत्रों के चोर रास्ते से उत्तराखंड में प्रवेश करना शुरू कर दिया है ।

यूपी से उत्तराखंड में आ रहे दोपहिया तथा चार पहिया वाहन चालकों द्वारा ग्राम सतुईया से ग्रामीण रास्ते के सहारे पुलभट्टा तथा ग्राम भंगा बिल्हौर होते हुए रेलवे फाटक पुलभट्टा के रास्ते आवाजाही शुरू कर दी है। पुलिस प्रशासन तथा स्वास्थ्य विभाग को चकमा देकर सैकड़ों लोग प्रतिदिन चोर रास्ते से प्रदेश में प्रवेश कर रहे हैं।

ग्राम सतुईया के ग्राम प्रधान प्रतिनिधि एवं युवा समाजसेवी बृजेश कुमार के नेतृत्व में गिरधारी लाल ,सतीश कुमार, अनिल कुमार ,किशन लाल, सुरेंद्र कुमार सहित युवाओं की टीम ने प्रशासन की अनदेखी के चलते खुद ही मोर्चा संभाल लिया है । समाजसेवी बृजेश कुमार के नेतृत्व में युवाओं ने उत्तराखंड उत्तर प्रदेश की सीमा पर ग्राम सतुईया के प्रवेश द्वार पर बैरिकेडिंग लगाकर बाहरी लोगों की आवाजाही को पूरी तरह से प्रतिबंध कर दिया है।

बैरिकेडिंग लगाने के साथ ही युवाओं की टीम द्वारा गांव में प्रवेश कर रहे लोगों के तापमान की भी जांच कर ग्रामीणों को जागरूक किया जा रहा है और शरीर का तापमान अधिक पाए जाने पर व्यक्ति को तुरंत चिकित्सक से संपर्क कर उपचार कराने के लिए प्रेरित किया जा रहा है।

समाजसेवी बृजेश कुमार ने बताया कि यूपी के बहेड़ी क्षेत्र से सवारियां लेकर आने वाली पिकअप जीप सहित सैकड़ों वाहन प्रतिदिन चोर रास्ते के सहारे प्रदेश में प्रवेश कर रहे थे, जिससे आम जनता में कोरोना संक्रमण फैलने का खतरा बन गया था । उन्होंने बताया कि अपनी तथा जनता की सुरक्षा को लेकर उन्होंने अपनी टीम के सहारे खुद ही मोर्चा संभाल लिया है और ग्राम निवासी लोगों के अलावा अन्य क्षेत्रों से आने वाले लोगों की ग्राम में आवाजाही व प्रवेश पूरी तरह से बंद कर दिया गया है।

ग्राम सतुईया में चोर रास्ते को युवाओं द्वारा बंद किए जाने के बाद यूपी से आने वाले लोगों ने अब भंगा बिल्हौर होते हुए पुलभट्टा के चोर रास्ते से आवाजाही शुरू कर दी है । स्थानीय ग्रामीणों ने पुलिस प्रशासन से ग्राम भंगा में बैरिकेडिंग लगाकर ग्रामीण क्षेत्र के चोर रास्ते को सीज किए जाने की मांग की है। फिलहाल यूपी क्षेत्र से चोरी-छिपे उत्तराखंड में प्रवेश कर रहे लोग पुलिस प्रशासन के लिए चुनौती बने हुए हैं।

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