सावधान! नंबर पोर्ट करने का झांसा देकर खाते से उड़ाए 50 हजार रुपये

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हल्द्वानी, अमृत विचार। साइबर अपराध के नए-नए तौर-तरीके सामने आ रहे हैं। इस बार साइबर अपराधियों ने नंबर पोर्ट कराने का झांसा देकर एक ठेकेदार के क्रेडिट कार्ड खाते से 50 हजार रुपयों पर हाथ साफ कर दिया। पीड़ित ने पुलिस से अपराधियों पर कार्रवाई और रिकवरी की मांग की है। छड़ायल सुयाल निवासी ठेकेदार …

हल्द्वानी, अमृत विचार। साइबर अपराध के नए-नए तौर-तरीके सामने आ रहे हैं। इस बार साइबर अपराधियों ने नंबर पोर्ट कराने का झांसा देकर एक ठेकेदार के क्रेडिट कार्ड खाते से 50 हजार रुपयों पर हाथ साफ कर दिया। पीड़ित ने पुलिस से अपराधियों पर कार्रवाई और रिकवरी की मांग की है।

छड़ायल सुयाल निवासी ठेकेदार मोहित कांडपाल के पिता के मोबाइल नंबर पर पोर्ट कराने संबंधी मैसेज आया था। मोहित ने अपना नंबर पोर्ट कराने के लिए मैसेज में दिए गए नंबर पर कॉल किया। दूसरी ओर से केवाईसी भरने के लिए टीम व्यूवर क्विक सपोर्ट एप डाउनलोड करने को कहा गया। मोहित साइबर अपराधियों के झांसे में आ गया।

उसने प्ले स्टोर से यह एप डाउनलोड कर लिया। इसके बाद उससे पोर्ट कराने की एवज में 11 रुपये का शुल्क ऑनलाइन जमा कराने को कहा गया। मोहित ने अपने क्रेडिट कार्ड से यह ट्रांजेक्शन किया। इसके तुरंत बाद उसके क्रेडिट खाते से 25-25 हजार रुपये की दो किस्तों में 50 हजार रुपये निकाल लिए गए। खाते से 50 हजार के ट्रांजेक्शन का मैसेज आया तो उसके होश उड़ गए। मोहित ने बताया कि किसी गड़बड़ी का एहसास होने पर उसने दूसरी ओर का फोन काट दिया।

क्रेडिट कार्ड की लिमिट 65 हजार रुपये थी। इसके चलते खाते में 15 हजार बच गए। दूसरी ओर साइबर अपराधी उसका खाता खाली करने के लिए बार-बार कॉल कर रहा था। लेकिन उसने फोन रिसीव नहीं किया। इसके बाद पीड़ित ने बैंक जाकर अपना क्रेडिट कार्ड एकाउंट ब्लॉक कराया और कोतवाली पुलिस को तहरीर दी। पुलिस के साइबर सेल ने आशंका जताई कि मोबाइल स्क्रीन हैक कर वारदात को अंजाम दिया गया। सेल शिकायत पर कार्रवाई कर रही है।

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