हल्द्वानी: मिनी स्टेडियम में बने कोविड अस्पताल में लगा ताला

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हल्द्वानी, अमृत विचार। इसे कोरोना संक्रमण की लहर कहें या प्रशासन की लापरवाही, जिसके कारण बद्रीपुरा स्थित मिनी स्टेडियम में बनाए गए कोविड अस्पताल को बंद करना पड़ गया। जिस उद्देश्य से यह अस्पताल शुरू किया गया था, वह कुछ दिनों में ही आधी-अधूरी व्यवस्थाओं के साथ मंगलवार को तालाबंद हो गया। प्रशासन की मानें …

हल्द्वानी, अमृत विचार। इसे कोरोना संक्रमण की लहर कहें या प्रशासन की लापरवाही, जिसके कारण बद्रीपुरा स्थित मिनी स्टेडियम में बनाए गए कोविड अस्पताल को बंद करना पड़ गया। जिस उद्देश्य से यह अस्पताल शुरू किया गया था, वह कुछ दिनों में ही आधी-अधूरी व्यवस्थाओं के साथ मंगलवार को तालाबंद हो गया। प्रशासन की मानें तो सुशीला तिवारी अस्पताल में अभी पर्याप्त बेड खाली हैं, ऐसे में मिनी स्टेडियम में यहां मरीज न होने से इसे बंद करने का निर्णय लिया गया है। वहीं यहां तैनात डॉक्टर व मेडिकल स्टाफ को अन्यत्र जगहों पर कार्य के लिए लगा दिया गया है।

इससे पहले शहर में सुशीला तिवारी अस्पताल में बढ़ते दबाव को देखते हुए प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की ओर से मिनी स्टेडियम में 500 बेड का यह अस्थायी कोविड अस्पताल शुरू किया गया था। जिसमें 150 ऑक्सीजनयुक्त बेड के अलावा आईसीयू, वेंटिलेटर की सुविधा दी जानी थी। जिले का 15वां कोविड अस्पताल छह मई से 90 बेड के साथ शुरू किया गया था। जिनमें 37 बेड सेंट्रल ऑक्सीजन सिस्टम से जोड़े गए थे, वहीं 53 बेड में ऑक्सीजन कंसन्ट्रेटर की सुविधा दी जानी थी। यहां ऐसे मरीजों को रखा जाना था, जिनका ऑक्सीजन सेचुरेशन 90 से 94 के बीच हो। वेंटिलेटर या आईसीयू की जरूरत वाले मरीजों को यहां नहीं रखने का निर्णय लिया गया था।
हालांकि इस अस्थायी अस्पताल में तैयारियां और व्यवस्थाएं आधी-अधूरी होने के कारण मरीज भी यहां भर्ती होने से बच रहे थे।

यहां देखभाल के लिए प्रशिक्षु डॉक्टर और नर्सिंग स्टाफ को रखा गया था। चार-पांच मरीज जो भर्ती थे, उन्हें भी हाल में स्वस्थ होने के बाद डिस्चार्ज कर दिया गया था। प्रशासन के अधिकारियों का कहना है कि इस समय सुशीला तिवारी अस्पताल में अभी काफी बेड खाली हैं। वहीं मिनी स्टेडियम में मरीज कम संख्या में मरीज भर्ती हो रहे थे। मेडिकल स्टाफ की कमी और जरूरत को देखते हुए यह निर्णय लिया गया है।

सीएमओ डॉ. भागीरथी जोशी ने बताया कि कुमाऊं के सबसे बड़े कोविड अस्पताल सुशीला तिवारी में अभी करीब 200 बेड ऑक्सीजन वाले खाले हैं। वहीं मिनी स्टेडियम के कोविड अस्पताल में कम संख्या में मरीज भर्ती हो रहे हैं। ऐसी स्थिति में इसे बंद करने का निर्णय लिया गया है। यहां तैनात मेडिकल स्टाफ को वैक्सीनेशन और सैंपलिंग के कार्यों की जिम्मेदारी दी गई है।

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