यूपी: सहकारिता विभाग में भर्ती घोटाले में नौ लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज
लखनऊ। यूपी के सहकारिता विभाग में अलग-अलग विभागों में सपा शासन काल में हुई नियुक्तियों के मामले में एसआईटी ने अपनी जांच पूरी कर ली है, और अब 6 एफआईआर दर्ज की गयी हैं। सपा शासन काल में 2012 से 2017 के बीच हुई भर्तियों के मामले में बड़ी गड़बड़ी शिकायत मिलने के बाद शासन …
लखनऊ। यूपी के सहकारिता विभाग में अलग-अलग विभागों में सपा शासन काल में हुई नियुक्तियों के मामले में एसआईटी ने अपनी जांच पूरी कर ली है, और अब 6 एफआईआर दर्ज की गयी हैं।
सपा शासन काल में 2012 से 2017 के बीच हुई भर्तियों के मामले में बड़ी गड़बड़ी शिकायत मिलने के बाद शासन ने के आदेश पर एसआईटी गठित की गयी थी। एफआईआर में उत्तर प्रदेश सहकारी संस्थागत सेवा मंडल के अध्यक्ष रहे रामजतन यादव व ओंकार यादव के साथ ही तत्कालीन सचिव, सदस्य, कंप्यूटर एजेंसी के प्रोपराइटर सहित नौ लोगों को नामजद किया गया है।
सेवा मंडल के तत्कालीन सचिव व वर्तमान में यूपी को-आपरेटिव बैंक के प्रबंधक निदेशक भूपेंद्र कुमार विश्नोई भी नामजद किए गए हैं। जांच की आंच तत्कालीन सहकारिता मंत्री पर आना तय माना जा रहा है।
मुख्यमंत्री के आदेश पर हुई थी जांच
वर्ष 2017 में प्रदेश की भाजपा सरकार बनने पर राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ की संस्था सहकार भारती ने सहकारिता की भर्तियों में घोटाले की शिकायत मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से की थी।
इस शिकायत को गंभीरता से लेते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जांच एसआईटी को सौंपी थी। एसआईटी ने सबसे पहले उ.प्र. को-आपरेटिव बैंक में सहायक प्रबंधक के 49 पदों पर भर्तियों में की गई अनियमितताओं का खुलासा किया था।
