कोरोना को टक्कर देते वैज्ञानिक, दो नई दवाएं विकसित, दावा- पहली ऐसी दवाएं, जो संक्रमित होने से बचाती
नई दिल्ली। वैज्ञानिकों ने कोविड-19 संक्रमण की रोकथाम और संक्रमितों के उपचार के लिए दो नई दवाएं विकसित की हैं। ऑस्ट्रेलिया के क्वींसलैंड इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल रिसर्च (क्यूआईएमआर) बर्घोफर मेडिकल रिसर्च इंस्टीट्यूट के अनुसंधानकर्ताओं ने पेप्टाइड आधारित दवाएं विकसित की हैं, जिनका फ्रांस स्थित ‘इन्फेक्शियस डिजीज मॉडल एंड इनोवेशन थैरेपीज’ (आईडीएमआईटी) केंद्र में हैम्स्टर (चूहे …
नई दिल्ली। वैज्ञानिकों ने कोविड-19 संक्रमण की रोकथाम और संक्रमितों के उपचार के लिए दो नई दवाएं विकसित की हैं। ऑस्ट्रेलिया के क्वींसलैंड इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल रिसर्च (क्यूआईएमआर) बर्घोफर मेडिकल रिसर्च इंस्टीट्यूट के अनुसंधानकर्ताओं ने पेप्टाइड आधारित दवाएं विकसित की हैं, जिनका फ्रांस स्थित ‘इन्फेक्शियस डिजीज मॉडल एंड इनोवेशन थैरेपीज’ (आईडीएमआईटी) केंद्र में हैम्स्टर (चूहे जैसा जानवर) पर परीक्षण किया जा रहा है। पत्रिका ‘नेचर सेल डिस्कवरी’ में प्रकाशित अध्ययन के शुरुआती परिणाम के अनुसार, इन दवाओं के दुष्प्रभाव कम हैं।
अनुसंधानकर्ताओं ने बताया कि इन दवाओं को कमरे के तापमान में रखा जा सकता है, जिसके कारण उनका वितरण आसान है। पहली दवा वायरस के संपर्क में आने से पहले दी जाएगी और टीकों का असर बढ़ाने में मददगार होगी, जबकि दूसरी दवा पहले से संक्रमित मानव कोशिकाओं में वायरस को फैलने से रोकेगी।
वरिष्ठ अनुसंधानकर्ता और प्रोफेसर सुधा राव ने बताया कि उनकी टीम ने पाया कि कुछ लोगों में रासायनिक टैग होता है जो एसीई2 रिसेप्टर पर ताले की तरह काम करता है। इसके बाद टीम ने दवा विकसित की।
उन्होंने कहा, ”हमारी दवाएं टैग को हटने से बचाती है और जिन एसीई2 रिसेप्टर के टैग हट गए हैं, उन्हें संक्रमित होने से बचाती हैं।” अनुसंधानकर्ताओं ने बताया कि ये पहली ऐसी दवाएं हैं, जो संक्रमित होने से बचाती है और साथ ही पहले से संक्रमित हो चुके लोगों के उपचार में मददगार हैं।
