यहां सरकार से हारी उम्मीदें तो खुद के हौंसले को किया बुलंद
अल्मोड़ा, अमृत विचार। जनसंघ के संस्थापकों में एक रहे व उत्तर प्रदेश में पूर्व पर्वतीय विकास मंत्री रहे स्व. सोबन सिंह जीना का पैतृक गांव सुनोली का विकास भले ही आज भी सियासत की अंधेरी फाइलों में दर्ज होकर क्यों ना रहे गया हो। लेकिन इस गांव के युवाओं में सरकार और सरकारी तंत्र के …
अल्मोड़ा, अमृत विचार। जनसंघ के संस्थापकों में एक रहे व उत्तर प्रदेश में पूर्व पर्वतीय विकास मंत्री रहे स्व. सोबन सिंह जीना का पैतृक गांव सुनोली का विकास भले ही आज भी सियासत की अंधेरी फाइलों में दर्ज होकर क्यों ना रहे गया हो। लेकिन इस गांव के युवाओं में सरकार और सरकारी तंत्र के सामने अभी हिम्मत नहीं हारी है। गांव को सड़क से जोडऩे के लिए गांव के युवाओं ने लॉक डाउन में श्रमदान शुरू कर गांव के लिए रास्ता बनाने का काम शुरू कर दिया है।
पूर्व पर्वतीय विकास मंत्री स्व. सोबन सिंह जीना का पैतृक गांव ताकुला ब्लॉक और सोमेश्वर विधानसभा के अंतर्गत स्थित है। लेकिन ग्राम पंचायत के सीमा और कालीगाड़ तोक को आने जाने के लिए आज भी पगडंडी का सहारा लेना पड़ता है। गांव में किसी व्यक्ति के बीमार होने या फिर कोई आपात स्थिति होने पर डोली और यह मार्ग ही लोगों का सहारा बनता है। ऐसा नहीं है कि ग्रामीणों ने कई बार जनप्रतिनिधियों और सरकारी मशीनरी से इस मार्ग के निर्माण की मांग नहीं की।
लेकिन पिछले कई दशकों से ग्रामीणों को आश्वासन के सिवा कुछ नहीं मिला। गांव के युवा मोहन कांडपाल ने बताया कि स्व. जीना का पैतृक गांव होने के बाद भी यहां के लोगों को तमाम परेशानियों का सामना करना पड़ता है। इसलिए इस बार युवाओं ने सरकारी इमदाद की आस छोड़ श्रमदान से इन तोकों के लिए मार्ग बनाने का काम शुरू कर दिया है। उन्होंने बताया कि गांव में बुनियादी सुविधाएं न होने के कारण अधिकांश परिवार गांव छोड़ चुके हैं। कांडपाल ने बताया कि अभी युवाओं ने पहले चरण में चार किमी मार्ग बनाने का लक्ष्य रखा है। यह कार्य पूरा होने के युवा अपने संसाधनों और मेहनत से गांवों को मार्गों से जोडऩे का काम करेंगे।
युवाओं की इस पहल में हरीश कांडपाल, नवल, जगदीश, राजू, नरेश, कमल, विमल, मोहित, चंद्रशेखर, दिनेश, राघव, गोलू, छोटू, योगेश व संजय अपना सहयोग दे रहे हैं।
मंत्री होने के बाद भी नहीं कोई सुविधा
अल्मोड़ा : स्व. सोबन सिंह जीना का पैतृक गांव जिस विधानसभा में आता है वह सोमेश्वर विधानसभा है और वहां की विधायक रेखा आर्या इस समय बाल विकास मंत्री भी हैं। लेकिन इसके बाद भी गांव में बुनियादी सुविधाओं का अभाव लोगों को लंबे समय से साल रहा है। लेकिन कोई सुध लेने वाला नहीं। युवाओं की इस पहल से जहां जनप्रतिनिधियों की कार्यशैली उजागर होती है। वहीं युवाओं ने अपने इस दृढ़ निर्णय से उन्हें आइना दिखाने का काम भी किया है।
