हल्द्वानी: गोल्डन कार्ड धारक से मोटी रकम वसूलने पर निजी अस्पताल पर ठोका लाखों का जुर्माना

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हल्द्वानी, अमृत विचार। राज्य स्वास्थ्य प्राधिकरण ने कोरोना मरीज से इलाज के नाम पर मनमानी रकम वसूलने पर शहर के एक निजी अस्पताल पर तीन लाख 75 हजार रुपए का जुर्माना लगाया है। साथ ही अस्पताल को कारण बताओ नोटिस भेज कर सात दिन के अंदर जवाब देने को कहा है। जवाब न देने की …

हल्द्वानी, अमृत विचार। राज्य स्वास्थ्य प्राधिकरण ने कोरोना मरीज से इलाज के नाम पर मनमानी रकम वसूलने पर शहर के एक निजी अस्पताल पर तीन लाख 75 हजार रुपए का जुर्माना लगाया है। साथ ही अस्पताल को कारण बताओ नोटिस भेज कर सात दिन के अंदर जवाब देने को कहा है। जवाब न देने की दशा में अस्पताल को ब्लैक लिस्ट करने की चेतावनी भी दी है।

राज्य स्वास्थ्य प्राधिकरण ने गुरुवार को हल्द्वानी के एक निजी अस्पताल द्वारा आयुष्मान कार्ड धारक रोगी लीलाधर नैनवाल से मनमाने तरीके से वसूली गई तीन लाख 75 हजार रुपए की धनराशि गोल्डन कार्ड धारक से मोटी रकम वसूलने पर निजी अस्पताल पर ठोका लाखों का जुर्माना रिकवर किए जाने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही सरकार से अस्पताल का ऑडिट करने की सिफारिश भी की गई है।  प्राधिकरण अब तक आयुष्मान कार्डधारक कोरोना मरीजों से इलाज के नाम पर रुपए वसूलने वाले 22  निजी अस्पतालों से 99 लाभार्थियों को 46 लाख 43 हजार 124 रुपए की रकम लौटा चुका है।
जानकारी के मुताबिक, राज्य स्वास्थ्य प्राधिकरण से लीलाधर नैनवाल नाम के एक व्यक्ति ने हल्द्वानी के निजी अस्पताल की शिकायत कर मनमाने तरीके से इलाज करने का आरोप लगाया था, जिसके बाद एजेंसी ने मामले की जांच की और शिकायत को सही पाने के बाद अस्पताल को इलाज के नाम पर ली गई रकम लौटाने के निर्देश दिए, अस्पताल ने रकम नहीं लौटाई तो इसके बाद एजेंसी ने अस्पताल पर 3.75 लाख की पेनाल्टी लगाई है।

उक्त मामले में निजी अस्पताल के प्रबंधक मनीष जोशी का कहना है कि नीलकंठ अस्पताल सिर्फ बाल रोग विभाग के मरीजों के लिए आयुष्मान योजना में पंजीकृत है, अन्य किसी के लिए नहीं। वहीं प्राधिकरण के अध्यक्ष डीके कोटिया ने बताया कि नीलकंठ अस्पताल के खिलाफ विशेष ऑडिट कराने के लिए स्वास्थ्य सचिव, स्वास्थ्य महानिदेशक और नैनीताल के जिलाधिकारी व मुख्य चिकित्साधिकारी को सूचित किया गया है।

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