टनकपुर: बिना सुरक्षा और सुविधा के आइवरमेक्टिन दवा बांट रहे बीएलओ

Amrit Vichar Network
Edited By Amrit Vichar
On

टनकपुर, अमृत विचार। शासन प्रशासन के निर्देश पर एक ओर जहां कोविड 19 की गाइडलाइन के तहत चंपावत जिले में कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए युद्ध स्तर पर कार्य किए जा रहे हैं, वही  इसको लेकर कुछ  खामियां  भी सामने उजागर हो रही है। कोरोना संक्रमण की रोकथाम के लिए  चम्पावत प्रशासन के निर्देश …

टनकपुर, अमृत विचार। शासन प्रशासन के निर्देश पर एक ओर जहां कोविड 19 की गाइडलाइन के तहत चंपावत जिले में कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए युद्ध स्तर पर कार्य किए जा रहे हैं, वही  इसको लेकर कुछ  खामियां  भी सामने उजागर हो रही है। कोरोना संक्रमण की रोकथाम के लिए  चम्पावत प्रशासन के निर्देश पर गांव-गांव जाकर आइवरमेक्टिन दवा के किट बांट रहे बीएलओ को पर्याप्त सुरक्षा किट न दिए जाने का  अब खाना तूल पकड़ता जा रहा है।

वहीं जिला आंगनबाड़ी संगठन ने इसे बीएलओ के हितों के साथ खिलवाड़ बताते हुए जल्द पर्याप्त सुरक्षा किट उपलब्ध कराने की  पुरजोर वकालत की है।  वहीं इस मामले को लेकर इंटरनेट मीडिया के माध्यम से भी लोग इसे स्वास्थ्य विभाग एवं प्रशासन का गैर जिम्मेदाराना रवैया बता रहे हैं।

प्रशासन द्वारा लोगों को कोविड से बचाने के लिए बीएलओ के  माध्यम से  गांवों में  घर घर जाकर आइवरमेक्टिन दवा के किट बांटने का निर्णय लिया गया है। इस अभियान को सफल बनाने के लिए जिला प्रशासन द्वारा जिले के सभी तहसीलों में बीएलओ की बैठकों का भी आयोजन किया गया था। टनकपुर के श्री पूर्णागिरि तहसील में 73 बीएलओ द्वारा दवा की 52 हजार किट गांव गांव जाकर उन के माध्यम से बांटनी है।  22 मई को स्वास्थ्य विभाग के माध्यम से सभी बीएलओ को किट उपलब्ध कराने के बाद उन्हें गांवों में भेज दिया गया।

बीएलओ का आरोप है कि प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग ने बिना सुरक्षा और सुविधा के उन्हें ड्यूटी में जाने के निर्देश दे दिए हैं ।इधर जिला आंगनबाड़ी संगठन की जिलाध्यक्ष मीना बोहरा  का कहना है कि अधिकांश आंगनबाड़ी वर्कर्स ही बीएलओ का काम करती हैं। आइवरमेक्टिन दवा बांटने से पहले बीएलओ ने प्रशासन से उन्हें पर्याप्त मात्रा में सुरक्षा किट देने, पहचान पत्र जारी करने, आंगनबाड़ी वर्कर्स का मानदेय कम होने के कारण ड्यूटी रिर्पोटिंग के लिए मोबाइल रिचार्ज का पैसा देने, दूरस्थ गांवों में जाने वाले बीएलओ को वाहन के लिए पेट्रोल देने आदि मांगे रखी गई थी। उन्होंने कहा कि उनको पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था मुहैया न कराए जाने से  उन्हें कोरोना पॉजिटिव होने का खतरा पैदा हो सकता है।

उन्होंने शीघ्र बीएलओ को पर्याप्त सुरक्षा किट दिए जाने की  पुरजोर वकालत की है।  कई बीएलओ ने भी कहा कि उन्हें एक मात्र सेनिटाइजर और मास्क दिया गया है, ग्लब्ज तक उनके पास उपलब्ध नहीं है ।इधर कई लोग इंटरनेट मीडिया के माध्यम से भी बीएलओ के समर्थन में आ गए हैं। जिस पर उन्होंने प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की आलोचना की है। इधर चंपावत के मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ आरपी खंडूरी ने कहा कि  बीएलओ को जल्दी ही कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए
सुरक्षा के  मुहैया  करा दी जाएगी। इसके लिए आवश्यक सामान खरीदा जा रहा है। उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र में कार्य करने वालों का सुरक्षा का पूरा ध्यान दिया जाएगा।

संबंधित समाचार