मुरादाबाद: ‘सिटी’ को ‘स्मार्ट’ बनाने को आप भी समझिए जिम्मेदारी
मुरादाबाद, अमृत विचार। महानगर को स्मार्ट सिटी बनाने के सभी दावे फेल होते नजर आ रहे हैं। यहां जितनी लापरवाही नगर निगम की देखी जाती हैं, उतनी ही लापरवाही लोग भी करते हैं। सड़कों पर पसरा कूड़ा सारा हाल खुद ही बयां कर रहा है। कहीं तो कूड़ेदान से बाहर कूड़ा पड़ा नजर आता है …
मुरादाबाद, अमृत विचार। महानगर को स्मार्ट सिटी बनाने के सभी दावे फेल होते नजर आ रहे हैं। यहां जितनी लापरवाही नगर निगम की देखी जाती हैं, उतनी ही लापरवाही लोग भी करते हैं। सड़कों पर पसरा कूड़ा सारा हाल खुद ही बयां कर रहा है। कहीं तो कूड़ेदान से बाहर कूड़ा पड़ा नजर आता है तो कहीं का कूड़ेदान ही गायब हो गया है।
महानगर के लोगों को हमेशा यह कहते सुना जाता है कि स्मार्ट सिटी कब बनेगा। जिस पर लोग हर बार सवाल उठाते हैं, वह है नगर निगम। लेकिन लोग खुद अपनी लापरवाहियों पर ध्यान नहीं देते। स्मार्ट सिटी बनाने की इस प्रकिया में नगर निगम द्वारा जगह-जगह कूड़ादान रखवाए गए हैं। कूड़ा उठाने के लिए रोज कूड़ा गाड़ी आती है। लेकिन, लोग फिर भी अपनी हरकतों से बाज नही रहे हैं। लोग घर के कूड़ा बाहर कूड़ेदान के पास ही कूड़ा फेक कर चले जाते हैं।
नगर निगम द्वारा किए जा रहे प्रयास में लोगों की यह लापरवाही रोड़ा बन रही है, जो महानगर को स्मार्ट सिटी बनने से रोक रही है। कांशीराम रोड पर जगह-जगह कूड़ादान रखे हैं। लेकिन, उसके बाद भी सड़क र कूड़ा डाला जा रहा है। ऐसे में हर रोज इधर से गुजरने वाले लोगों का आना-जाना लगा रहता है, जिन्हें इससे काफी परेशानी होती है। यहां एक जगह से तो कूड़ादान ही गायब हो गया है।
नगर निगम द्वारा सड़कों पर रखे गए कूड़ेदान को रोज खाली कराया जाता है। लेकिन लोग लापरवाही दिखा रहे हैं। जब कूड़ेदान रखा गया है तो कूड़ा उस में ही डालें। लेकिन वे उसे बाहर डाल जाते हैं। हर बार लोगों से अपील की जाती है कि कूड़ा कूड़ेदान में फेकें पर कोई भी ऐसा नहीं करता है। ऐसे में हमारे द्वारा किया गया प्रयास भी असफल हो रहा है। -गंभीर सिंह, उप नगर आयुक्त
-प्रिया
