बरेली: प्रधान पति की हत्या के मामले ने फिर पकड़ा तूल, परिजन समेत ग्रामीण एसएसपी कार्यालय पहुंचे
बरेली, अमृत विचार। एक माह पूर्व हुई प्रधान पति नरेंद्र पाल सिंह की हत्या के मामले में भोजीपुरा पुलिस पर मुख्य आरोपितों को बचाने का आरोप लगाया गया है। मंलगवार को नरेंद्र पाल के परिजनों ने एसएसपी कार्यालय पहुंचकर प्रदर्शन किया और पुलिस पर साठगांठ का आरोप लगाते हुए मुख्य आरोपितों को गिरफ्तार करने की …
बरेली, अमृत विचार। एक माह पूर्व हुई प्रधान पति नरेंद्र पाल सिंह की हत्या के मामले में भोजीपुरा पुलिस पर मुख्य आरोपितों को बचाने का आरोप लगाया गया है। मंलगवार को नरेंद्र पाल के परिजनों ने एसएसपी कार्यालय पहुंचकर प्रदर्शन किया और पुलिस पर साठगांठ का आरोप लगाते हुए मुख्य आरोपितों को गिरफ्तार करने की मांग उठाई।
उनका कहना था कि पुलिस जानबूझकर मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार नहीं कर रही है। हंगामा कर रहे पीड़ित परिवार से एसपी सिटी मिले और उन्हें निष्पक्ष कार्रवाई का आश्वासन दिया।
थाना भोजीपुरा क्षेत्र के गांव बिबियापुर कायस्थान में 19 मई की रात 2:45 बजे आरोपियों ने पूर्व प्रधान नरेंद्र पाल सिंह की घेर कर हत्या कर दी थी जब वह परिवार के साथ अपने एक घर से दूसरे घर की ओर जा रहे थे। मृतक की पत्नि ने एसएसपी कार्यालय में बताया कि करीब 8 से 10 लोगों ने अचानक रास्ते में आकर पूर्व प्रधान को घेर लिया था। जिसके बाद नामजद आरोपियों ने जान से मारने के इरादे से हमला करना शुरू कर दिया बचने के लिए पूर्व प्रधान जंगल की ओर भागे लेकिन गोली लगने की वजह से रास्ते में ही गिर गए।
जिसके बाद आरोपियों ने बंदूक, तमंचों की बटों, चाकू और लाठी डंडों से मारकर पूर्व प्रधान की हत्या कर दी। हत्या के बाद परिजनों ने भोजीपुरा थाने में मामला दर्ज करवाया था। भोजीपुरा थाना क्षेत्र की पुलिस से मदद न मिलने पर मृतक के परिजनों के साथ बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने एसएसपी कार्यालय पहुंचकर की मामले की शिकायत की है।
पुलिस पर साठगांठ का आरोप, अन्य आरोपितों को गिरफ्तार करने की मांग
घटना के कुछ ही दिन बाद नामजद धर्मवीर उर्फ पप्पू, अंकित, प्रेम सिंह, नर्पतसिंह, वीरेंद्र को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया गया था। वहीं मृतक के परिवार वालों का कहना है कि बचे हुए पांच आरोपित केसर, तेजेंद्र, राहुल, सत्येंद्र, पिंकू उर्फ देवदत्त को एक महीने बाद भी पुलिस गिरफ्तार नहीं कर सकी है। इसके साथ ही पुलिस पर आरोपियों के साथ साठगांठ का भी आरोप लगाया जा रहा है। प्रधान पत्नी किरन गंगवार का कहना है कि बचे आरोपी आये दिन गांव में घूमते नजर आते हैं और जब पुलिस को इसकी सूचना दी जाती है तो पुलिस कोरोना का बहाना बना कर टाल देती है। परिवार के अन्य सदस्यों का कहना है कि बचे हुए आरोपी मृतक की पत्नी और इकलौते बेटे को भी मारने की धमकी दे चुके हैं।
