अल्मोड़ा: कनारीछीना में आयुष अस्पताल बंद होने से बढ़ी दिक्कतें
अल्मोड़ा, अमृत विचार। विकास खंड भैंसियाछाना के आयुष अस्पताल कनारीछीना के बंद होने के कारण अब इस क्षेत्र के लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इस अस्पताल में चिकित्सक का पद लंबे समय से रिक्त था। जबकि साल पहले यहां कार्यरत फार्मासिस्ट को भी विभाग के अधिकारियों ने अन्यत्र अटैच कर …
अल्मोड़ा, अमृत विचार। विकास खंड भैंसियाछाना के आयुष अस्पताल कनारीछीना के बंद होने के कारण अब इस क्षेत्र के लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इस अस्पताल में चिकित्सक का पद लंबे समय से रिक्त था। जबकि साल पहले यहां कार्यरत फार्मासिस्ट को भी विभाग के अधिकारियों ने अन्यत्र अटैच कर दिया है। जिस कारण अब यहां के लोगों को आयुष अस्पताल की सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं।
ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को स्वास्थ्य सुविधाएं मुहैया कराने के उद्देश्य से सालों पहले यहां आयुष विंग के अस्पताल की स्थापना की गई थी। शुरूआत में तो सब ठीक ठाक रहा। लेकिन बाद में यहां कर्मचारियों की कमी होने लगी। कुछ सालों से यहां चिकित्सक का पद भी खाली चल रहा था और अस्पताल एक फार्मासिस्ट के सहारे चल रहा था।
लेकिन एक साल पहले विभाग के अधिकारियों ने दो महीने के लिए यहां तैनात फार्मासिस्ट को किसी अन्य अस्पताल में अटैच कर दिया था। जिसके बाद से आज तक यहां कोई कर्मचारी तैनात नहीं किया गया है और अस्पताल पूरी तरह बंदी के कगार पर आ गया है। रीठागाड़ संघर्ष समिति के पदाधिकारियों ने कहा है कि इस अस्पताल के बंद होने के कारण अब क्षेत्र के कनारीछीना, लिंगुणता, मंगलता, रौयत, खुडियारी, हटौला, नौगांव, कुनखेत, बखरियाछीना, पतलचौरा आदि गांवों के लोगों को आयुष संबंधी उपचार के लिए यहां से पचास किमी दूर अल्मोड़ा जाना पड़ता है। संगठन के प्रताप सिंह, गोपाल राम, मनोज जड़ौत, नारायण दत्त, उमेश भट्ट, बालम सिंह, कुंदन सिंह, जगत सिंह आदि लोगों ने शीघ्र इस आयुष विंग को शुरू करने की मांग की है।
