हल्द्वानी: परीक्षा को लेकर राज्य सरकार का बड़ा फैसला, 12वीं की परीक्षा रद्द
हल्द्वानी, अमृत विचार। आखिरकार उत्तराखंड सरकार ने भी उत्तराखंड बोर्ड 12वीं की परीक्षा रद कर दी है। शिक्षा मंत्री अरविंद पांडेय ने बुधवार को विभागीय अधिकारियों के साथ बैठक के बाद इस आशय केआदेश जारी कर दिए हैं। खुद शिक्षा मंत्री ने ट्विट कर इस बात की जानकारी दी। बता दें कि सोमवार को प्रधानमंत्री …
हल्द्वानी, अमृत विचार। आखिरकार उत्तराखंड सरकार ने भी उत्तराखंड बोर्ड 12वीं की परीक्षा रद कर दी है। शिक्षा मंत्री अरविंद पांडेय ने बुधवार को विभागीय अधिकारियों के साथ बैठक के बाद इस आशय केआदेश जारी कर दिए हैं। खुद शिक्षा मंत्री ने ट्विट कर इस बात की जानकारी दी।
बता दें कि सोमवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सीबीएसई, आईसीएससी की 12वीं की परीक्षा रद करने का फैसला किया था। इसके बाद देश के तमाम राज्यों ने अपने यहां 12वीं की प्रादेशिक बोर्ड परीक्षा को रद करने का फैसला किया था। प्रदेश के मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने भी प्रधानमंत्री की इस घोषणा का स्वागत किया था। इसके बाद कयास लगाए जा रहे थे कि प्रदेश में भी 12वीं की बोर्ड परीक्षा रद हो सकती है। बुधवार को शिक्षा मंत्री अरविंद पांडेय ने इस संबंध में राजधानी दून में विभागीय अधिकारियों के साथ बैठक की। इसके बाद उन्होंने बोर्ड परीक्षा रद करने कै फैसले की जानकारी दी। उन्होंनें कहा कि छात्रों व शिक्षकों के हितों को देखते हुए सरकार ने यह निर्णय लिया है।
उन्होंने कहा कि सभी छात्र-छात्राओं को प्रमोट किया जाएगा। साथ ही जो बच्चे समझते हैं कि उन्हें कम अंक देकर प्रमोट किया गया है, उन्हें परीक्षा में बैठने का अवसर दिया जाएगा। उत्तराखंड बोर्ड की 12वीं की परीक्षा के लिए एक लाख 23 हजार से अधिक बच्चे पंजीकृत थे। जबकि परीक्षा के लिए 1347 परीक्षा केंद्र बनाए गए थे। इसमें 223 केंद्र संवेदनशील और 22 परीक्षा केंद्रों को अतिसंवेदनशील घोषित किया गया था।
सरकार उत्तराखंड बोर्ड की 12वीं की परीक्षा को बहुविकल्पीय प्रश्नों के आधार (एमसीक्यू) पर कराने की तैयारी में थी। शिक्षा सचिव आर मीनाक्षी सुंदरम का कहना था कि एमसीक्यू के आधार पर परीक्षा होती तो तीन के बजाय डेढ़ घंटे का पेपर होता। मगर शिक्षा मंत्री के आज के आदेश के बाद ऐसी सभी संभावनाओं पर विराम लग गया है। खुद शिक्षा मंत्री ने परीक्षा रद करने की जानकारी ट्विटर पर देते हुए लिखा- मुख्यमंत्री जी के कुशल नेतृत्व में प्रदेश में कोरोना के दृष्टिगत परीक्षार्थियों और शिक्षकों की सुरक्षा व बचाव हेतु उत्तराखण्ड विद्यालयी शिक्षा परिषद की 12वीं की बोर्ड परीक्षाओं को निरस्त करने का निर्णय लिया गया है।
