हल्द्वानी: दूसरी लहर में कुमाऊं का हर 58वां व्यक्ति हुआ कोरोना से संक्रमित
नरेन्द्र देव सिंह, हल्द्वानी। कोरोना की दूसरी लहर का कहर कुमाऊं पर जमकर बरपा है। यह हाल हैं कि केवल तीन माह में ही कोरोना के 74 हजार से ज्यादा मामले सामने आए हैं। इन तीन महीनों में हुई कोरोना जांच में कुमाऊं का हर 58वां व्यक्ति कोरोना से संक्रमित हुआ है। कोरोना की पहली …
नरेन्द्र देव सिंह, हल्द्वानी। कोरोना की दूसरी लहर का कहर कुमाऊं पर जमकर बरपा है। यह हाल हैं कि केवल तीन माह में ही कोरोना के 74 हजार से ज्यादा मामले सामने आए हैं। इन तीन महीनों में हुई कोरोना जांच में कुमाऊं का हर 58वां व्यक्ति कोरोना से संक्रमित हुआ है। कोरोना की पहली लहर के दौरान कुमाऊं में पिछले साल अप्रैल माह में कोरोना का पहला मामला सामने आया था। लॉकडाउन के दौरान पिछले साल हालात सामान्य बने रहे लेकिन बाद में जब अनलॉक चरण शुरू हुए थे तो संक्रमण की दर भी बढ़ गई थी। हालांकि 15 सितंबर के बाद से मामले कम आना शुरू हुए और दिसंबर तक कुमाऊं में कोरोना की पहली लहर काफी हद तक काबू में आ चुकी थी। इसके बाद मार्च से दूसरी लहर का असर होना शुरू हुआ।
शुरुआत में तो कम मामले सामने आए लेकिन लोगों और सरकार की लापरवाही के चलते कोरोना के मामलों में अचानक से उछाल आना शुरू हुआ और देखते ही देखते अप्रैल के पहले सप्ताह में कोरोना की दूसरी लहर से हालात खराब होने लगे। दूसरी लहर में एक मार्च से अभी तक कुमाऊं में कोरोना के कुल 74072 मामले सामने आए हैं। कुमाऊं की कुल आबादी करीब 43 लाख है। इस लिहाज से दूसरी लहर ने केवल तीन माह में यहां के हर 58वें व्यक्ति को संक्रमित किया है। यह हाल तब हैं जब यहां अभी सभी लोगों की जांचें नहीं हुई हैं। अगर जांचें और ज्यादा होतीं तो और भी ज्यादा लोग संक्रमित निकल सकते थे। हालांकि मई के दूसरे पखवाड़े के बाद कोरोना मरीजों की संख्या कम होने लगी है लेकिन स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि अभी दूसरी लहर का असर कम जरूर हुआ है लेकिन यह अभी आगे और सप्ताह तक जारी रहेगी।
पहली लहर में पॉजिटिव रेट 3.62 प्रतिशत तो दूसरी लहर में 12.33 प्रतिशत
चिंताजनक बात यह है कि कोरोना की दूसरी लहर की संक्रमण दर पहली लहर की अपेक्षा करीब चार गुना ज्यादा है। यानी दूसरी लहर में कोरोना वायरस के फैलने के लिए काफी सहूलियत मिली। पहली लहर में करीब एक साल में कुमाऊं के सभी जिलों में 936910 कोरोना जांचें हुई थीं और 34188 कोरोना मरीज मिले थे। इस दौरान कोरोना जांच में पॉजिटिव रेट करीब 3.62 प्रतिशत था। इधर दूसरी लहर में कुमाऊं के सभी जिलों में अभी तक कोरोना की करीब छह लाख जांचें हुई हैं। यह जांचें तीन माह में हुई हैं और कोरोना के 74 हजार से ज्यादा मामले सामने आए हैं। इस दौरान कोरोना जांचों में पॉजिटिव रेट करीब 12.33 प्रतिशत रहा।
नैनीताल और यूएसनगर में सबसे ज्यादा कहर
कोरोना की पहली लहर में नैनीताल जनपद में जहां 12658 मामले मिले तो दूसरे नंबर पर यूएसनगर जनपद में 11552 कोरोना मरीज मिले थे। पहाड़ी जिलों में सबसे ज्यादा 3362 कोरोना मरीज पिथौरागढ़ में मिले थे। वहीं दूसरी लहर में नैनीताल और यूएसनगर जनपद आसपास ही हैं। यूएसनगर में 25433 तो नैनीताल में 25309 कोरोना मरीज सामने आए। पहाड़ी जनपदों में अल्मोड़ा सबसे ज्यादा प्रभावित हुआ। शुरू से अभी तक कुमाऊं में कोरोना का सबसे ज्यादा संक्रमण नैनीताल जनपद में मिला है। यहां कोरोना के करीब 38 हजार मामले सामने आ चुके हैं।
कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर अब कम हो रही है। लेकिन अभी भी कोविड नियमों का पालन किया जाना जरूरी है। कोई भी असावधानी हालात बिगाड़ सकती है।
-डाॅ. शैलजा भट्ट, स्वास्थ्य निदेशक, कुमाऊं
