हल्द्वानी: चर्चाओं पर लगा विराम, सुमित हृदयेश ही होंगे इंदिरा के ‘उत्तराधिकारी’
अंकुर शर्मा, हल्द्वानी। सुमित हृदयेश ही डॉ. इंदिरा हृदयेश के पैतृक के साथ-साथ ‘राजनीतिक उत्तराधिकारी’ होंगे। कांग्रेस के दिग्गजों ने हल्द्वानी विस सीट पर उपचुनाव के मद्देनजर सुमित हृदयेश को टिकट देने के संकेत दिए हैं। नेता प्रतिपक्ष डॉ. इंदिरा हृदयेश के निधन के साथ ही हल्द्वानी विस सीट रिक्त हो गई। अभी विस चुनाव …
अंकुर शर्मा, हल्द्वानी। सुमित हृदयेश ही डॉ. इंदिरा हृदयेश के पैतृक के साथ-साथ ‘राजनीतिक उत्तराधिकारी’ होंगे। कांग्रेस के दिग्गजों ने हल्द्वानी विस सीट पर उपचुनाव के मद्देनजर सुमित हृदयेश को टिकट देने के संकेत दिए हैं।
नेता प्रतिपक्ष डॉ. इंदिरा हृदयेश के निधन के साथ ही हल्द्वानी विस सीट रिक्त हो गई। अभी विस चुनाव और नई सरकार का गठन होने में तकरीबन नौ माह का समय बाकी हैं ऐसे में इस सीट पर उप चुनाव होना तय है। इस सीट पर कांग्रेस उम्मीदवार कौन होगा इसको लेकर कयास लगना शुरू हो गए हैं। कांग्रेसियों से लेकर आमजन तक हर कोई यही जानना चाह रहा है कि अब ‘मैडम’ का ‘राजनीतिक उत्तराधिकारी’ कौन होगा। दबीं जुबान हर कोई यही जानने में लगा हुआ था कि कांग्रेस का हाथ किसके साथ होगा।
इस लिए बड़े नेताओं से लेकर उनके पीए तक जानने में लगे हुए थे। इधर कांग्रेस के दिग्गजों ने बातों-बातों में सुमित हृदयेश को टिकट देने के संकेत दे दिए हैं। उनका कहना था कि सही समय और और माहौल में इसकी घोषणा की जा सकती हैं। जब प्रदेश प्रभारी देवेंद्र यादव से एक प्रश्न पूछा गया कि नेता प्रतिपक्ष इंदिरा हृदयेश का व्यक्तिगत सपना था कि वह सुमित हृदयेश को विधायक बनता देखना चाहती है इस पर उन्होंने जवाब दिया कि कांग्रेस उनके सपने पूरे करेगी।
इंदिरा जी ने सदैव कांग्रेस को मजबूत करने के लिए काम किया। उनका व्यक्तिगत और सामाजिक सपने को पूरा करना कांग्रेस की जिम्मेदारी है। उपचुनाव को लेकर कांग्रेस गंभीर है।
= देवेंद्र यादव, प्रदेश प्रभारी उत्तराखंड कांग्रेस
इंदिरा दीदी ने हल्द्वानी में विकास के नए आयाम स्थापित किए हैं। उनका जाना अपूर्णनीय क्षति है लेकिन उन्होंने जो विकास किए हैं उससे कांग्रेस को परेशानी नहीं होंगी। बाकी यहां का काम सुमित हृदयेश देख ही रहे हैं वे विकास को आगे बढ़ाएंगे।
= हरीश रावत, पूर्व मुख्यमंत्री व राष्ट्रीय महासचिव कांग्रेस
= टिकट की जुगत में लगे नेता =
इंदिरा हृदयेश के बाद दूसरी पंक्ति के नेता, कांग्रेस के ऐसे नेता जो सिर्फ टिकट की लालसा में पार्टी छोड़कर भाजपा शामिल हुए थे उन्होंने देहरादून से दिल्ली लॉबिंग शुरू कर दी है। वह टिकट की जुगत में खेमाबंदी कर रहे हैं।
