हल्द्वानी: वन अनुसंधान केन्द्र मे‍ं गलवान युद्ध के शहीदों की याद में बनाई वाटिका

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हल्द्वानी, अमृत विचार। वन अनुसंधान संस्थान ने गलवान वैली की पहली पुण्यतिथि पर शहीदों की याद में रोपे पौधों को पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी और शहीदों को नमन किया। वन अनुसंधान संस्थान ने गलवान वैली में शहीद हुए 20 सैनिकों की याद में गलवान वाटिका बनाई है। इसमें प्रत्येक शहीद की याद में एक-एक …

हल्द्वानी, अमृत विचार। वन अनुसंधान संस्थान ने गलवान वैली की पहली पुण्यतिथि पर शहीदों की याद में रोपे पौधों को पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी और शहीदों को नमन किया।

वन अनुसंधान संस्थान ने गलवान वैली में शहीद हुए 20 सैनिकों की याद में गलवान वाटिका बनाई है। इसमें प्रत्येक शहीद की याद में एक-एक पौधा रोपा गया है। मंगलवार को गलवान वैली युद्ध के एक साल पूरा हो रहा है। इस पर अनुसंधान अधिकारियों ने शहीदों के याद में रोपे पौधे को पुष्प अर्पित किए। रेंजर मदन बिष्ट ने कहा कि देश के लिए सर्वोच्च बलिदार करने वालों को नहीं भुलाया जा सकता है लेकिन पर्यावरण बचाना भी हमारी जिम्मेदारी है इसलिए प्रत्येक शहीद के नाम पर पौधे लगाने का फैसला किया।

ताकि पेड़ के बड़े होने पर फल, फूल आएं तो लोग शहीदों को याद करेंगे और उनकी शहादत को नहीं भूल पाएंगे। उन्होंने कहा कि वन अनुसंधान ने शहीदों को ‘हरित श्रद्धांजलि’ दी है। इससे पूर्व वन अनुसंधान ने पुलवामा अटैक में मारे गए शहीदों की स्मृति में पुलवामा वाटिका भी बनाई थी।

गलवान युद्ध में ये वीर हुए थे शहीद
कर्नल बिकुमल्ला संतोष, नायब सूबेदार नुदूराम सोरेन, मनदीप सिंह, सतनाम सिंह, हवलदार के पलानी, सुनील कुमार, विपुल राय, दीपक कुमार, सिपाही राजेश ओरंग, कुंदन ओझा, गणेश राम, चंद्रकांत प्रधान, अंकुश, गुरविंदर, गुरतेज सिंह, चंदन कुमार, कुंदन, अमन, जय किशोर सिंह, गणेश हंसदा ।

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