हल्द्वानी: छात्रवृत्ति घोटाले के आरोपी की जमानत अर्जी हुई खारिज
हल्द्वानी, अमृत विचार। प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश व विशेष न्यायाधीश एंटी करप्शन प्रीतू शर्मा की कोर्ट ने छात्रवृत्ति घोटाले में आरोपी समाज कल्याण के पटल सहायक मोहन गिरी गोस्वामी की जमानत अर्जी खारिज कर दी है। प्रधान सहायक पर आरोप है कि उसने बिना सत्यापन के छात्रवृत्ति की रकम जारी कर दी। इससे सरकार को …
हल्द्वानी, अमृत विचार। प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश व विशेष न्यायाधीश एंटी करप्शन प्रीतू शर्मा की कोर्ट ने छात्रवृत्ति घोटाले में आरोपी समाज कल्याण के पटल सहायक मोहन गिरी गोस्वामी की जमानत अर्जी खारिज कर दी है। प्रधान सहायक पर आरोप है कि उसने बिना सत्यापन के छात्रवृत्ति की रकम जारी कर दी। इससे सरकार को 20.63 लाख रुपये से अधिक का राजस्व का नुकसान हुआ।
डीजीसी फौजदारी सुशील कुमार शर्मा ने जमानत अर्जी का विरोध करते हुए दलील दी कि 2014-15 में जिला समाज कल्याण अधिकारी कार्यालय के पटल सहायक मोहन गिरि निवासी शांत बाजार, चंपावत ने मोनार्ड यूनिवर्सिटी से प्राप्त दशमोत्तर छात्रवृत्ति के आवेदन पत्रों को चेक किया गया। लेकिन 28 छात्रों का भौतिक सत्यापन न कर उनके पक्ष मे 20 लाख से अधिक की छात्रवृत्ति निर्गत करवा दी।
जबकि पटल सहायक का दायित्व था कि वह लाभार्थी छात्रों के प्रपत्रों, आवेदन को विभाग के नियमानुसार निर्गत करवाते। लेकिन मोहन गिरी गोस्वामी ने तत्कालीन समाज का अधिकारी जगमोहन कफोला तथा मोनार्ड यूनिवर्सिटी के आरोपी पदाधिकारी और संचालक मंडल सदस्यों से सांठगांठ कर चेक जारी कर दिए। चेकों को विभागीय प्रक्रिया के अनुरूप डिस्पैच रजिस्टर में अंकित ना कर मेमो के रूप में यूनिवर्सिटी के प्रतिनिधि अंकित अग्रवाल ने जिला सहकारी बैंक हापुड़ भेज दिए।
