हल्द्वानी: कुमाऊं की 80 फीसदी आबादी टीकाकरण से अछूती
नरेंद्र देव सिंह, हल्द्वानी। कोरोना से बचाव के लिए आमजन के लिए टीकाकरण की प्रक्रिया शुरू करे हुए तीन माह से ज्यादा का समय बीत गया है और कुमाऊं मंडल की केवल 20 प्रतिशत आबादी को ही अभी कोरोना टीका का पहला टीका लग पाया है। जबकि दोहरा टीकाकरण की प्रक्रिया अभी और भी धीमी …
नरेंद्र देव सिंह, हल्द्वानी। कोरोना से बचाव के लिए आमजन के लिए टीकाकरण की प्रक्रिया शुरू करे हुए तीन माह से ज्यादा का समय बीत गया है और कुमाऊं मंडल की केवल 20 प्रतिशत आबादी को ही अभी कोरोना टीका का पहला टीका लग पाया है। जबकि दोहरा टीकाकरण की प्रक्रिया अभी और भी धीमी है। जिस गति से टीकाकरण हो रहा है, उस हिसाब से अगले एक साल में संपूर्ण व्यस्क आबादी को कोरोना टीका की पहली डोज ही मिल जाए तो काफी है।
मंडल में करीब 40 लाख की व्यस्क आबादी का कोरोना टीकाकारण का लक्ष्य निर्धारित किया गया। पहले 45 साल से ऊपर आयुवर्ग के लिए कोरोना टीकाकरण शुरू किया गया था। बाद में 10 मई से 18 साल से ऊपर वालों को भी इसमें शामिल किया गया। कोरोना टीकाकरण शुरू हुए तीन माह में अभी जो आंकड़े सामने आए हैं उसके अनुसार यूएसनगर जनपद में सबसे ज्यादा 191052 लोगों को टीके की पहली डोज मिल चुकी है। इसके बाद नैनीताल में 176563, अल्मोड़ा में 136787, पिथौरागढ़ में 83804, बागेश्वर में 62511 और चंपावत में 58158 लोगों को कोरोना की पहली डोज मिल पाई है।
जबकि लक्षित आबादी की संख्या करीब 40 लाख है और अभी मुश्किल से 20 प्रतिशत लोगों का ही टीकाकरण हो पाया है। इस लिहाज से अगले एक साल में मंडल की संपूर्ण आबादी को टीके की पहली डोज मिल पाएगी। अगर दोहरा टीकाकरण की बात करें तो हालात और भी ज्यादा बुरे हैं। मंडल में करीब दो लाख लोगों को ही अभी टीके की दूसरी खुराक मिल पाई है। जो यहां की व्यस्क आबादी का केवल पांच प्रतिशत ही है।
सितंबर में शुरू हो जाएगी तीसरी लहर
सितंबर में कोरोना की तीसरी लहर शुरू होने की चेतावनी जारी की जा चुकी है। स्वास्थ्य विभाग इसके लिए तैयारियों में भी जुटा हुआ है। पीएचसी स्तर तक ऑक्सीजन प्लांट लगाए जा रहे हैं लेकिन टीकाकरण में गति नहीं मिल पा रही है। अगर यही हाल रहे तो सितंबर तक मुश्किल से मंडल की 40 प्रतिशत आबादी को टीके की पहली और 10 प्रतिशत आबादी को टीके की दूसरी डोज मिल पाएगी। जो कोरोना की तीसरी लहर को रोकने लिए पर्याप्त नहीं होगा।
