हल्द्वानी: कोविड बायो मेडिकल वेस्ट, निस्तारण एक चुनौती

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नरेन्द्र देव सिंह, हल्द्वानी। कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर में अस्पतालों में कोविड बायो मेडिकल वेस्ट बढ़ता ही जा रहा है। नैनीताल जनपद इस मामले में कुमाऊं मंडल के सभी जिलों से आगे है। यहां कोविड बायो मेडिकल वेस्ट प्रतिदिन सात क्विंटल से ज्यादा हो रहा है। संक्रमण काल में इस कचरे का सही से …

नरेन्द्र देव सिंह, हल्द्वानी। कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर में अस्पतालों में कोविड बायो मेडिकल वेस्ट बढ़ता ही जा रहा है। नैनीताल जनपद इस मामले में कुमाऊं मंडल के सभी जिलों से आगे है। यहां कोविड बायो मेडिकल वेस्ट प्रतिदिन सात क्विंटल से ज्यादा हो रहा है। संक्रमण काल में इस कचरे का सही से निस्तारण बड़ी चुनौती है। हालांकि स्वास्थ्य विभाग का दावा है कि हम इसे भलीभांति निस्तारित कर रहे हैं। इसके लिए निजी संस्था की भी मदद ली जाती है।

बायो मेडिकल वेस्ट का निस्तारण करना अस्पताल प्रबंधन के लिए प्रमुख समस्या है। इस कचरे का निस्तारण मेडिकल कॉलेज स्थित संयत्र और एक निजी संस्था के माध्यम से किया जाता है। निजी संस्था इसका निस्तारण बाजपुर में करती है। जहां तक कोविड के दौरान बायो मेडिकल वेस्ट की बात है तो नैनीताल जनपद में प्रतिदिन सात क्विंटल से भी ज्यादा कोविड बायो मेडिकल वेस्ट हो रहा है। जबकि बाकी अन्य जनपद जहां पर कोविड बायो मेडिकल वेस्ट होता है वह नैनीताल जनपद के मुकाबले दूर तक भी नहीं ठहरते हैं।

आलम यह है कि कुमाऊं के अन्य जनपदों में कुल कोविड वेस्ट भी कहीं ज्यादा वेस्ट इस जनपद में होता है। इसके पीछे सबसे बड़ा कारण यह है कि कुमाऊं के कोविड केयर का सबसे बड़ा केंद्र सुशीला तिवारी अस्पताल (एसटीएच) है। यहां सबसे ज्यादा कोविड मरीज भर्ती रहते हैं। एसटीएच के अनुसार पिछले कुछ दिनों से बायो मेडिकल वेस्ट में कमी आई है। जबकि एक माह पूर्व तक प्रतिदिन 1000 क्विंटल से ज्यादा कोविड वेस्ट हो रहा था।

10 से 14 जून तक कोरोना कचरा निस्तारण करने वाले जिले

जनपद औसत प्रतिदिन कोरोना कचरा
नैनीताल 700 किलो
अल्मोड़ा 42.12 किलो
पिथौरागढ़ 1.62 किलो
चंपावत 0.2 किलो
बागेश्वर 0.2 किलो

दूसरी लहर में 75 हजार क्विंटल से ज्यादा कचरा
हल्द्वानी। कोविड की दूसरी लहर में बायो मेडिकल वेस्ट बढ़ गया है। अनुमान है कि नैनीताल जनपद से पिछले तीन माह में करीब 75 हजार क्विंटल से ज्यादा मेडिकल वेस्ट निकल चुका है। अब इस कचरे को सही तरह से निस्तारण करना संबधित विभाग के सामने चुनौती बनता जा रहा है।

“नैनीताल जनपद में कोविड अस्पताल की वजह से कोविड बायो मेडिकल वेस्ट ज्यादा होता है। इसका सही तरीके से निस्तारण करवाया जाता है”।

– डा. भागीरथी जोशी, मुख्य स्वास्थ्य अधिकारी, नैनीताल

“मेडिकल कॉलेज के अंदर ही कोविड बायो मेडिकल वेस्ट के निस्तारण के लिए प्लांट है। यहां अन्य बायो मेडिकल वेस्ट का निस्तारण भी किया जाता है। इसकी क्षमता प्रति घंटा एक कुंतल बायो मेडिकल वेस्ट निस्तारण की है”।

– डा. सीपी भैंसोड़ा, प्राचार्य, मेडिकल कालेज, हल्द्वानी

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