हल्द्वानी: मलेरिया का अभी तक नहीं मिला कोई मामला, स्वास्थ्य विभाग ने ली राहत की सांस
हल्द्वानी, अमृत विचार। बारिश शुरू होने के साथ ही मलेरिया का प्रकोप भी शुरू हो जाना आम बात है लेकिन इस साल जून माह में अभी तक मलेरिया का कोई भी मामला सामने नहीं आया है। जिससे स्वास्थ्य विभाग ने राहत की सांस ली है। नैनीताल जनपद मच्छरों के आतंक के लिए जाना जाता है। …
हल्द्वानी, अमृत विचार। बारिश शुरू होने के साथ ही मलेरिया का प्रकोप भी शुरू हो जाना आम बात है लेकिन इस साल जून माह में अभी तक मलेरिया का कोई भी मामला सामने नहीं आया है। जिससे स्वास्थ्य विभाग ने राहत की सांस ली है।
नैनीताल जनपद मच्छरों के आतंक के लिए जाना जाता है। यहां पर मच्छर जनित बीमारियां बड़ी समस्या हैं। मच्छरों पर नियंत्रण के लिए यहां पर स्वास्थ्य विभाग को बकायदा अभियान चलाना पड़ता था। पिछले सालों में लोगों के छतों पर निगरानी के लिए ड्रोन तक का इस्तेमाल किया जाता था। हालांकि इस साल स्वास्थ्य विभाग को मच्छर जनित रोगों के मामले में अभी तक को काफी राहत है। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का कहना है कि मलेरिया का अभी तक कोई मामला सामने नहीं आया है।
जबकि पिछले सालों में बारिश शुरू होने के साथ ही मलेरिया भी शुरू हो जाता था। अमूमन जून माह में मलेरिया के अभी तक छह से सात मामले आ जाते थे, जो जुलाई में काफी रफ्तार से बढ़ने लगते थे। जिला संक्रामक रोग विश्लेषक एनके कांडपाल इस साल मच्छरों से जुड़ी बीमारियों में राहत को लेकर बताते हैं कि स्कूल बंद होने से इस पर काफी प्रभाव पड़ा है। अमूमन देखने में आता था कि बच्चे इन बीमारियों का बड़े पैमाने पर शिकार होते हैं। इसके साथ ही कोविड को लेकर भी लोग घरों में साफ सफाई रख रहे हैं। इससे भी मच्छरों पर रोकथाम हुई है।
भीमताल ब्लॉक का भौर्सा रहता था मलेरिया का केंद्र
हल्द्वानी से सटे भीमताल ब्लॉक का गांव भौर्सा मलेरिया के केंद्र के रूप में जाना जाता है। यह गांव गौला नदी के पास में है। यहां पर नदी के आसपास जमा होने वाले पानी में मच्छरों को पनपने में काफी आसानी होती है। गांव में बकायदा मलेरिया की रोकथाम के लिए स्वास्थ्य विभाग को टीम तैनात करनी पड़ती थी। हालांकि इस बार वहां भी मलेरिया को लेकर राहत है।
