हल्द्वानी: बच्चों के लिए अभी तक दवाओं की खरीद भी नहीं कर पाया है स्वास्थ्य विभाग

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Edited By Amrit Vichar
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हल्द्वानी, अमृत विचार। स्वास्थ्य विभाग अनुमान जता चुका है कि तीसरी लहर कोरोना के नए वैरिएंट डेल्टा प्लस की वजह से आएगी। इस वैरिएंट से संक्रमित मरीज पश्चिमी यूपी में मिल चुके हैं। उत्तराखंड में तीसरी लहर को लेकर स्वास्थ्य विभाग अलर्ट के दावे कर रहा है लेकिन यहां अभी तक कोरोना की तीसरी लहर …

हल्द्वानी, अमृत विचार। स्वास्थ्य विभाग अनुमान जता चुका है कि तीसरी लहर कोरोना के नए वैरिएंट डेल्टा प्लस की वजह से आएगी। इस वैरिएंट से संक्रमित मरीज पश्चिमी यूपी में मिल चुके हैं। उत्तराखंड में तीसरी लहर को लेकर स्वास्थ्य विभाग अलर्ट के दावे कर रहा है लेकिन यहां अभी तक कोरोना की तीसरी लहर से निपटने के लिए बच्चों की दवाओं की खरीद तक नहीं हो पाई है।

विशेषज्ञों का अनुमान है कि अगले छह से सात सप्ताह के बाद कोरोना की तीसरी लहर शुरू हो जाएगी। तीसरी लहर में बच्चों को संक्रमण का सबसे ज्यादा खतरा होगा। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग पहले से ही तैयारियों को मजबूत करने के दावे कर रहा है। इधर उत्तराखंड में अभी तक आने वाली तीसरी लहर से संक्रमित होने वाले बच्चों के लिए दवाओं की खरीद नहीं हो पाई है। स्वास्थ्य विभाग इतने दिनों में दवाओं की केवल सूची तैयार कर पाया है। अभी दवाओं की खरीद की जाना बाकी है। अनुमान है कि दवाओं की खरीद में भी समय लगेगा। हालांकि कुमाऊं की स्वास्थ्य निदेशक डा. शैलजा भट्ट का कहना है कि सूची तैयारी हो गई और जल्द ही दवाओं की खरीद कर ली जाएगी।

बेडों की कमी से जूझना होगा
हल्द्वानी। तीसरी लहर में बेडों की कमी से जुझना होगा। स्वास्थ्य विभाग का मानना है कि शून्य से 18 साल तक के बच्चों पर कोरोना संक्रमण का खतरा होगा। इस लिहाज से जनपद की चार लाख की आबादी इस आयु वर्ग में आती है। यहां सभी अस्पतालों में कोरोना के इलाज के लिए 2221 बेड ही हैं। यही नहीं कुमाऊं मंडल के अन्य जिलों के मरीज रेफर करके नैनीताल जिले में भेजे जाते हैं। इतनी बड़ी आबादी का जिम्मा केवल इन्हीं बेडों पर रहेगा।

जिले में कोविड के मुख्य अस्पतालों में बेडों की संख्या

राजकीय मेडिकल कॉलेज हल्द्वानी
ऑक्सीजन बेड-600, पीआईसीयू-32, एसएनसीयू-24

बीपी जोशी कोविड अस्पताल
बेड-500, ऑक्सीजन बेड-375, आईसीयू बेड-125, वेंटिलेटर-100, आईसीयू-75 बेड

बीडी पांडे अस्प्ताल नैनीताल
ऑक्सीजन बेड-5

जिले में 42 बाल रोग विशेषज्ञ
नैनीताल जिले में कुल 42 बाल रोग विशेषज्ञ हैं। इनमें सरकारी अस्पतालों में 11, मेडिकल कॉलेज में 22 और निजी अस्पतालों में 19 बाल रोग विशेषज्ञ हैं। दस हजार बच्चों पर केवल एक बाल रोग विशेषज्ञ है। पहाड़ों में स्थिति और भी बदतर है।

बच्चों को बचाने के लिए अभिभावक रहें तैयार
हल्द्वानी। एसटीएच की बाल रोग विशेषज्ञ डा. ऋतु रखोलिया का कहना है कि बच्चों को अगर कोविड से बचाना है तो बड़ों को ध्यान देना होगा। इसके लिए सबसे ज्यादा जरूरी है कि सभी बड़े कोरोना का टीकाकरण करवाएं। साथ ही कोविड नियमों का पालन करें। जरूरी होने पर ही बच्चों को घर से बाहर लेकर जाए। बच्चों को पौष्टिक भोजन दें और उन्हें जंक फूड से बचाकर रखें यह उनके शरीर के रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ावा देता है। बच्चों में किसी भी तरह की दिक्कत हो तो डॉक्टर से फोन पर संपर्क करें। जरूरी होने पर ही बच्चे का अस्पताल लेकर जाएं।

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