बरेली: 300 बेड अस्पताल में 12 रेमडेसिविर इंजेक्शन लापता
बरेली, अमृत विचार। कोरोना महामारी की दूसरी लहर कम होने के बाद कोविड अस्पताल में रमेडेसिविर इंजेक्शन का मिलान किया गया तो अस्पताल से इंजेक्शन की 12 शीशियां गायब मिलीं। गड़बड़ी सामने आने के बाद अस्पताल प्रशासन में हड़कंप मच गया है। खोजबीन शुरू हुई तो अस्पताल परिसर में रेमडेसिविर इंजेक्शन के खाली बॉयल बायोमेडिकल …
बरेली, अमृत विचार। कोरोना महामारी की दूसरी लहर कम होने के बाद कोविड अस्पताल में रमेडेसिविर इंजेक्शन का मिलान किया गया तो अस्पताल से इंजेक्शन की 12 शीशियां गायब मिलीं। गड़बड़ी सामने आने के बाद अस्पताल प्रशासन में हड़कंप मच गया है। खोजबीन शुरू हुई तो अस्पताल परिसर में रेमडेसिविर इंजेक्शन के खाली बॉयल बायोमेडिकल वेस्ट में जले मिले। इस मामले पर स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने कोई कार्रवाई न कर किसी खुराफाती का कृत्य बताकर ठंडे बस्ते में डाल दिया।
300 बेड अस्पताल के फार्मासिस्ट की ओर से संक्रमण की दूसरी लहर के दौरान 17 अप्रैल को 12 रेमडेसिविर मेल स्टाफ नर्स के नाम पर जारी किए थे। मिलान के बाद पता चला कि इंडेंट में मेल स्टाफ नर्स स्वास्थ्य कर्मी के हस्ताक्षर ही नहीं है। जबकि, सामान्य रूप से ही लिखा है कि मेल स्टाफ नर्स ने इंजेक्शन रिसीव किए। मेल स्टाफ नर्स के अनुसार उसने 17 अप्रैल को कोई रेमडेसिविर इंजेक्शन जारी नहीं कराए जिससे रेमडेसिविर में धांधलेबाजी की बात सामने आ रही है।
पूरा मामला अधिकारियों के संज्ञान में है। बावजूद सामान्य सी बात बोलकर मामले को रफादफा कर दिया गया। अस्पताल प्रशासन की ओर से जारी आंकड़ों के अनुसार दूसरी लहर के दौरान करीब 450 रेमडेसिविर इंजेक्शन सीएमएसडी से पहुंचे जिसमें से करीब 270 इंजेक्शन संक्रमितों को लगाए गए। जबकि, स्टॉक का निरीक्षण करते समय 130 इंजेक्शन स्टॉक में शेष मिले। जबकि, दूसरी लहर में अस्पताल में करीब 521 संक्रमितों का उपचार आईसीयू व वार्ड में भर्ती कर किया गया।
300 बेड अस्पताल में दवा गायब होने का ये पहला मामला नहीं है, इससे पहले भी लंबे समय तक सर्जिकल आइटम, दूसरी दवाएं और अन्य कई चीजें 300 बेड कोविड अस्पताल से गायब हो चुकी हैं। इधर, स्वास्थ्य विभाग के जिले के वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि मामला संज्ञान में नहीं है। शिकायत मिलने पर जांच करायी जाएगी।
