गरमपानी: राष्ट्रीय राजमार्ग के गड्ढे छिपाने को मिट्टी का आसरा
गरमपानी, अमृत विचार। अल्मोडा-भवाली राष्ट्रीय राजमार्ग के हाल भी अजब-गजब है। खैरना से काकड़ीघाट तक लगभग 35 करोड़ रुपए की लागत से बनाया गया राजमार्ग बदहाली का दंश झेल रहा है। हालत यह है कि राजमार्ग में जगह-जगह गड्ढों में डामर की जगह मिट्टी भर दी गई, जिससे हादसे का खतरा दोगुना बढ़ गया है। …
गरमपानी, अमृत विचार। अल्मोडा-भवाली राष्ट्रीय राजमार्ग के हाल भी अजब-गजब है। खैरना से काकड़ीघाट तक लगभग 35 करोड़ रुपए की लागत से बनाया गया राजमार्ग बदहाली का दंश झेल रहा है। हालत यह है कि राजमार्ग में जगह-जगह गड्ढों में डामर की जगह मिट्टी भर दी गई, जिससे हादसे का खतरा दोगुना बढ़ गया है। वहीं मिट्टी संबंधित विभाग की कार्यशैली भी उजागर कर रही है।
केंद्र व राज्य सरकार सड़कों की हालत सुधारने को लाखों करोड़ों रुपए का बजट अवमुक्त करती है। विकास कार्यों के लिए बजट देने के बाद सड़क सुविधा के लाख दावे किए जाते हैं, पर धरातल में दावे खोखले साबित हो रहे हैं। खैरना से काकड़ीघाट तक तीन वर्ष पूर्व बना राष्ट्रीय राजमार्ग दम तोड़ने लगा है। राष्ट्रीय राजमार्ग पर जगह-जगह गड्ढे बदहाली का दंश बयां कर रहे हैं। लोगों को आवाजाही में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। बड़ा सवाल ये है कि तीन वर्ष में राष्ट्रीय राजमार्ग पर करोड़ों की लागत से किया गया डामरीकरण दम तोड़ गया है।
जगह-जगह पेंचवर्क से कार्य चलाया जा रहा है। अब हालात इतने बिगड़ गए हैं कि राजमार्ग पर मिट्टी भर दी जा रही है, जिससे गड्ढे तो भर जा रहे हैं पर लोगों के पास दुर्घटना का खतरा बढ़ गया है। करोड़ों की लागत से तैयार राष्ट्रीय राजमार्ग पर मिट्टी भरने से संबंधित विभाग की कार्यशैली उजागर हो रही है। ग्रामीणों ने दो टूक चेतावनी दी है कि यदि जल्द राजमार्गों को दुरुस्त नहीं किया गया तो फिर आंदोलन शुरू किया जाएगा।
