जम्मू-कश्मीर धर्म परिवर्तन मामला: अदालत का पुलिस को निर्देश- सुनिश्चित करें कि कोई भी व्यक्ति दंपति पर हमला ना करे

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श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर में कथित रूप से जबरन धर्म परिवर्तन का शिकार हुई चार में से एक सिख युवती ने उच्च न्यायालय की शरण लेते हुए अपने परिवार और पुलिस द्वारा दंडात्मक कार्रवाई से सुरक्षा की मांग की है। युवती ने कहा है कि उसने अपनी मर्जी से धर्म परिवर्तन करके मुसलमान व्यक्ति से निकाह किया …

श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर में कथित रूप से जबरन धर्म परिवर्तन का शिकार हुई चार में से एक सिख युवती ने उच्च न्यायालय की शरण लेते हुए अपने परिवार और पुलिस द्वारा दंडात्मक कार्रवाई से सुरक्षा की मांग की है। युवती ने कहा है कि उसने अपनी मर्जी से धर्म परिवर्तन करके मुसलमान व्यक्ति से निकाह किया है। इस साल 20 जनवरी को इस्लामिक रीति-रिवाज से मंजूर अहमद भट से निकाह करके वीरन पाल कौर से खदीजा बनी युवती ने इस साल मई में उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया।

न्यायमूर्ति अली मोहम्मद मगरे ने 20 मई को पुलिस को निर्देश दिया कि वह सुनिश्चित करें कि युवती के माता-पिता रतन सिंह और पोपिंदर कौर या उनकी ओर से कोई भी व्यक्ति दंपति पर हमला ना करे, उन्हें प्रताड़ित, उनका अपहरण ना करे या उन्हें नुकसान ना पहुंचाए। आदेश में कहा गया है, ”और उन्हें अपना दांपत्य जीवन अपने अनुसार जीने की आजादी दी जाए तथा भारत के संविधान के तहत प्राप्त उनके अधिकारों की रक्षा की जाए।”

26 वर्षीय युवती और उसके 31 वर्षीय पति ने फरवरी, 2021 में बडगाम जिले के नोटरी के समक्ष अपने निकाह को सार्वजनिक किया। उन्होंने अदालत को बताया कि वे बंजारों की जिंदगी जीने को मजबूर हैं क्योंकि युवती के माता-पिता ने मंजूर के खिलाफ जम्मू के सतवारी थाने में शिकायत दर्ज करायी हुई है।

अदालत ने सतवारी के थाना प्रभारी को निर्देश दिया है कि वह शिकायत के आधार पर कोई कार्रवाई ना करें। उसने बडगाव के पुलिस प्रमुख से भी कहा है कि वह निर्देशों का अक्षरश: पालन सुनिश्चित करें। वहीं कश्मीर में सिखों ने ऐसे अतंर-धर्म विवाह के विरुद्ध प्रदर्शन किया और आरोप लगाया कि सिख युवतियों का जबरन उम्रदराज लोगों से विवाह कराया जा रहा है।

प्रदर्शन में शामिल होने के लिए रविवार को यहां पहुंचे शिरोमणि अकाली दल के नेता मनजिन्दर एस. सिरसा ने कहा कि उन्होंने इस मुद्दे को जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा और केन्द्रीय मंत्री अमित शाह के समक्ष उठाया है। सिरसा ने सोमवार को कहा, ”हम दो दिन से प्रदर्शन कर रहे हैं। चार लड़कियों का जबरन धर्म परिवर्तन कराया गया है जिनमें एक 18 साल की है और उसका निकाह प्रौढ़ व्यक्ति से कराया गया है। कहा जा रहा है कि उसने अपनी मर्जी से शादी की है।’

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