नैनीताल: हाईकोर्ट ने कौशिक से मांगा प्रति शपथपत्र
नैनीताल, अमृत विचार। हाईकोर्ट ने भाजपा प्रदेश अध्यक्ष व हरिद्वार विधायक मदन कौशिक की विधायक निधि से पुस्तकालय बनाने में गड़बड़ी को लेकर जनहित याचिका पर सुनवाई की। कोर्ट ने याचिकाकर्ता को मामले में प्रति शपथपत्र पेश करने के निर्देश दिए हैं। अगली सुनवाई 4 अगस्त को होगी। बुधवार को मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति आरएस चौहान …
नैनीताल, अमृत विचार। हाईकोर्ट ने भाजपा प्रदेश अध्यक्ष व हरिद्वार विधायक मदन कौशिक की विधायक निधि से पुस्तकालय बनाने में गड़बड़ी को लेकर जनहित याचिका पर सुनवाई की। कोर्ट ने याचिकाकर्ता को मामले में प्रति शपथपत्र पेश करने के निर्देश दिए हैं। अगली सुनवाई 4 अगस्त को होगी।
बुधवार को मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति आरएस चौहान व न्यायमूर्ति आलोक कुमार वर्मा की खंडपीठ में हरिद्वार निवासी सच्चिदानंद डबराल की जनहित याचिका पर सुनवाई हुई। इस दौरान सरकार की ओर से जवाब पेश कर कहा गया है कि याचिका राजनीति से प्रेरित है। साथ ही किसी गड़बड़ी के आरोपों को सिरे से खारिज किया। नगरनिगम व जिलाधिकारी की ओर से दाखिल जवाब में यह भी कहा है कि अब तक पुस्तकालय का न संचालन और न ही किसी संस्था को हस्तांतरण हुआ हैं।
याचिका में कहा गया था कि मदन कौशिक ने साल 2010 में विधायक निधि से 16 पुस्तकालयों के निर्माण के लिए डेढ़ करोड़ रुपए जारी किए। मगर आज तक पुस्तकालय नहीं बनाए गए, लेकिन डेढ़ करोड़ रुपए का भुगतान जारी दिया गया। जिन स्थानों पर पुस्तकालय होना दर्शाया गया है,वहां पर बारातघर, निजी आवास, धर्मशालाएं आदि हैं। कार्यदायी संस्था ग्रामीण अभियंत्रण सेवा थी। आरईएस के तत्कालीन इंजीनियर ने बिना अस्तित्व में आए ही इन पुस्तकालयों का निरीक्षण किया और तत्कालीन सीडीओ ने डेढ़ करोड़ रुपए का भुगतान कर दिया। इसे भ्रष्टाचार का बड़ा मामला बताते हुए याचिकाकर्ता ने मामले में सीबीआई जांच की मांग की थी।
