हल्द्वानी: प्रधान संगठन ने 12 सूत्रीय मांगों को लेकर ब्लॉक कार्यालय में की तालाबंदी

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हल्द्वानी, अमृत विचार। प्रधान संगठन ने 12 सूत्रीय मांगों को लेकर हल्द्वानी के ब्लॉक कार्यालय में तालाबंदी कर धरना दिया है। संगठन जिले के तमाम विकासखंडों में 10 दिनों तक लगातार तालाबंदी के साथ धरना प्रदर्शन करेंगे। संगठन ने धरना-प्रदर्शन के दौरान ग्राम पंचायतों का कार्यकाल एक वर्ष बढ़ाने और सीएससी को 2500 रुपये प्रतिमाह …

हल्द्वानी, अमृत विचार। प्रधान संगठन ने 12 सूत्रीय मांगों को लेकर हल्द्वानी के ब्लॉक कार्यालय में तालाबंदी कर धरना दिया है। संगठन जिले के तमाम विकासखंडों में 10 दिनों तक लगातार तालाबंदी के साथ धरना प्रदर्शन करेंगे। संगठन ने धरना-प्रदर्शन के दौरान ग्राम पंचायतों का कार्यकाल एक वर्ष बढ़ाने और सीएससी को 2500 रुपये प्रतिमाह देने का फैसला वापस लेने की मांग की है।

हल्द्वानी के ब्लॉक कार्यालय में गुरुवार को ब्लॉक अध्यक्ष रुक्मणी नेगी के नेतृत्व में प्रधान संगठन ने 12 सूत्रीय मांगों को लेकर प्रदर्शन किया। प्रधान संगठन ने कहा कि बीते दो वर्षों से वैश्विक महामारी कोरोना संक्रमण से पूरा देश जूझ रहा है। इससे शहरों से लेकर ग्रामीण इलाकों तक बेरोजगारी बढ़ चुकी है। जिससे लोगों को अब आर्थिक तंगी से जूझना पड़ रहा है।

कहा कि जिस प्रकार 1995 में उत्तराखंड में भूकंप की आपदा के समय ग्राम पंचायतों का कार्यकाल बढ़ाया गया था, उसी तर्ज पर कोरोना काल के दौरान भी एक वर्ष का कार्यकाल बढ़ाया जाना चाहिए। जिससे ग्राम प्रधानों सहित ग्रामीणों को राहत मिल सके। कहा कि संगठन लगातार 10 दिन तक जिले के विभिन्न विकासखंडों में तालाबंदी और धरना प्रदर्शन करेगा। इस मौके पर प्रधान संगठन के पूर्व जिला अध्यक्ष कुंदन बोरा, जिला महामंत्री मनीष आर्या, रामलाल, चित्रा बिष्ट, दीपा बिष्ट, हरेन्द्र असगोला, वीरेन्द्र सिंह परगई, दीपा, तनुजा पांडेय, ज्योति, रवि जीना, विनीता, कमल पड़लिया, निशा कुलियाल, किशोर चुफाल, प्रेम रावत, भोपाल सिंह, कमल दुर्गापाल, राजेन्द्र जांगी, भोपाल सिंह, नंदन सिंह बोरा, हरक सिंह बिष्ट, विनीता, मीना भट्ट, कुसुम बोरा, सीमा पाठक मौजूद रहे।

ये हैं प्रमुख 12 मांगें

1- कॉमन सर्विस सेंटर (सीएससी) को 2500 रुपये प्रतिमाह प्रत्येक ग्राम पंचायत से दिए जाने का फैसला वापस लिया जाए।
2- 15वें वित्त में हो रही भारी कटौती पर शीघ्र रोक लगाई जाए जिसे पूर्व की भांति 15वें वित्त में कंटींजेसी की राशि 10 फीसदी रखी जाए।
3- 73वें संविधान संशोधन के प्रावधानों को लागू करते हुए 29 विषयों को शीघ्र ग्राम पंचायतों को हस्तांतरित किया जाए।
4- ग्राम प्रधानों का मानदेय 1500 से बढ़ाकर दस हजार किया जाए तथा पांच हजार मासिक पेंशन के रूप में दिया जाय।
5- मनरेगा के कार्य दिवस प्रति परिवार 100 दिन से बढ़ाकर 200 दिन प्रतिवर्ष किया जाए।
6- ग्राम पंचायतों में पंचायतों के जेई एवं कंप्यूटर ऑपरेटर की नियुक्ति शीघ्र की जाए। जिससे ग्राम पंचायतों के निर्माण कार्यों को गति मिल सके।
7- ग्राम विकास विभाग एवं ग्राम पंचायत विभाग का पूर्व की भांति एकीकरण किया जाए।
8- विधायक निधि/सांसद निधि को आधार मानते हुए, ग्राम पंचायतों को भी 5 लाख रुपये प्रतिवर्ष ग्राम पंचायत निधि की व्यवस्था की जाए।
9- ग्राम पंचायत को आपदा मद से प्रतिवर्ष 5 लाख रुपये की धनराशि दी जाए।
10- ग्राम पंचायत में किसी भी विभाग द्वारा किए जाने वाले विकास कार्य व अन्य कार्य में ग्राम पंचायत की खुली बैठक का प्रस्ताव एवं अनुमति को अनिवार्य किया जाए।
11- प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत चयनित ग्राम पंचायतों के लाभार्थियों को शीघ्र धनराशि दी जाए, साथ ही फरवरी 2019 के बाद बंद हुई आवासों की ऑनलाइन प्रक्रिया दोबारा शुरू की जाए।
12– कोरोना संक्रमण के कारण ग्राम पंचायतों का कार्यकाल 2 वर्ष बढ़ाया जाए।

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