बनबसा: आंधी से क्षेत्र की बिजली कटी, 12 घंटे बाद भी सुचारू नहीं हुई आपूर्ति
बनबसा, अमृत विचार। शुक्रवार सुबह करीब पांच बजे आई आंधी से क्षेत्र की विद्युत व्यवस्था पूरी तरह धड़ाम हो गई। गढ़ीगोठ-पंपापुर के बीच में पेड़ गिरने से 33 केवि का एक पोल क्षतिग्रस्त हो गया, जबकि कई स्थानों पर पेड़ों की टहनियां गिरने से तार टूट गए, जिसे विभागीय कर्मचारी पूरे दिन दुरुस्त करने में …
बनबसा, अमृत विचार। शुक्रवार सुबह करीब पांच बजे आई आंधी से क्षेत्र की विद्युत व्यवस्था पूरी तरह धड़ाम हो गई। गढ़ीगोठ-पंपापुर के बीच में पेड़ गिरने से 33 केवि का एक पोल क्षतिग्रस्त हो गया, जबकि कई स्थानों पर पेड़ों की टहनियां गिरने से तार टूट गए, जिसे विभागीय कर्मचारी पूरे दिन दुरुस्त करने में जुटे रहे। 12 घंटे गुजरने के बाद भी आपूर्ति सुचारू नहीं हो पाई थी। वहीं, भीषण गर्मी के बीच क्षेत्रवासियों का पूरे दिन घर पर रहना मुश्किल हो गया, जबकि विद्युत चालित व्यावसायिक गतिविधियां ठप हो गई।
जेई परविंदर सिंह ने बताया कि आंधी की वजह से क्षेत्र के कई स्थानों पर बिजली के तारों पर पेड़ गिर गए, जिससे तार टूटकर जमीन में गिर गए और पोल क्षतिग्रस्त हो गए। गढ़ीगोठ-पंपापुर के बीच 33 केवी की लाइन जो लोहियाहेड से टनकपुर जा रही है, उसका एक पोल क्षतिग्रस्त हो गया। इससे बनबसा नगर एवं ग्रामीण क्षेत्र के अलावा टनकपुर की भी बिजली गुल हो गई। सूचना पर वे करीब 35 लोगों की टीम लेकर मौके पर पहुंचे और लाइन को दुरूस्त करने में जुट गए।
भीषण गर्मी के बीच टीम को तारों और पोलों को दुरूस्त करने में खासी दिक्कतें हुई। शाम चार बजे तक पोल और टूटे तारों को दुरूस्त करने के बाद बिजली व्यवस्था बहाल कर दी गई, लेकिन लोहियाहेड में खराबी की वजह से सप्लाई सुचारू नहीं हो पाई। जेई ने बताया कि 33 केवि के बाद वे टीम के साथ 11 केवि की लाइन की मरम्मत में जुट गए। उन्होंने बताया कि लोहियाहेड से सप्लाई चालू होते ही टनकपुर और बनबसा नगर की आपूर्ति सुचारू हो जाएगी, जबकि ग्रामीण क्षेत्र की बिजली रात करीब 9 बजे तक बहाल हो पाएगी। उधर, क्षेत्र की बिजली गुल होने से लोग पूरे दिन खासे परेशान रहे। उनका घरों में रहना मुश्किल हो गया, जबकि व्यावसायिक गतिविधियां ठप होने से व्यापारी पूरे दिन हाथ पर हाथ धरे बैठे रहे।
