बरेली: व्यापारियों की हुंकार, मांगें मानों वरना करेंगे हड़ताल

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बरेली, अमृत विचार। उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल के आह्वान पर दाल मिल एसोसिएशन ने मंगलवार को शहर में सभी दाल मिलें बंद रखीं। इस दौरान माधोबाड़ी में गल्ला व्यापारियों के साथ बैठक हुई। इसमें सरकार द्वारा दालों की स्टाक लिमिट की बाध्यता हटाने समेत कई मांगें नहीं मानने पर अन्य राज्यों की तरह बरेली …

बरेली, अमृत विचार। उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल के आह्वान पर दाल मिल एसोसिएशन ने मंगलवार को शहर में सभी दाल मिलें बंद रखीं। इस दौरान माधोबाड़ी में गल्ला व्यापारियों के साथ बैठक हुई। इसमें सरकार द्वारा दालों की स्टाक लिमिट की बाध्यता हटाने समेत कई मांगें नहीं मानने पर अन्य राज्यों की तरह बरेली की गल्ला मंडियों को अनिश्चिकालीन बंद करने पर सहमति बनी।

प्रांतीय महामंत्री राजेंद्र गुप्ता ने कहा कि व्यापार मंडल ने मंगलवार को सांकेतिक बंद की घोषाण की थी। इसी के तहत दाल मिलें बंद रखी गईं। उन्होंने कहा कि केंद्र और प्रदेश की सरकारी कोरोना काल के बाद व्यापारियों पर नित नए कानून लगाकर व्यापार को चौपट करने में लगी हुई है। लालफीताशाही के दबाव में सरकार व्यापारियों का उत्पीड़न करने पर आमादा है। दालों पर स्टॉक की लिमिट तय करना और खाद्यान्न के थोक कारोबार को मंडियों में वापस ले जाना यह दर्शाता है कि इंस्पेक्टर राज और लालफीताशाही की वापसी इस शासनकाल में भी हो रही है।

महानगर महामंत्री राजेश जसोरिया ने कहा कि प्रदेश के खाद्य सचिव ने जो आदेश जारी किया है, उससे दलहन, तिलहन और अनाज के थोक कारोबारी का शोषण तय है। इस आदेश को तत्काल निरस्त करना होगा वरना व्यापार मंडल मंडियों को पूर्ण तरीके से बंद रखेगा। दाल मिल एसोसिएशन के अध्यक्ष मोहित अग्रवाल ने कहा कि नये कानूनों से व्यापारियों का केवल उत्पीड़न व शोषण होगा। इसलिए देश के कई राज्यों में गल्ला मंडियों ने अनिश्चितकालीन बंद की घोषणा की है। बैठक में महामंत्री सुरेश जैन, अवधेश अग्रवाल, कैलाश मित्तल, संजीव टिल्लू, विष्णु मित्तल, नीरज खंडेलवाल, विजय शर्मा, अशोक मित्तल समेत अनेक व्यापारी शामिल हुए।

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