यूपी: उपभोाक्ता परिषद के अध्यक्ष ने उर्जा मंत्री से की मुलाकात, रखी ये प्रमुख मांगे
लखनऊ। बिजली निगमों में व्याप्त अनेकों उपभोक्ता समस्याओं सहित कई और मांगों को लेकर राज्य उपभोाक्ता परिषद के अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा ने मंत्री श्रीकांत शर्मा से मुलाकात की। इस दौरान समस्याओं के समाधान के लिए मंत्री से विशेष आग्रह किया। वहीं मंत्री जी ने भी सकारात्मक जवाब दिया। उन्होंने बताया कि वर्तमान में पूरे …
लखनऊ। बिजली निगमों में व्याप्त अनेकों उपभोक्ता समस्याओं सहित कई और मांगों को लेकर राज्य उपभोाक्ता परिषद के अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा ने मंत्री श्रीकांत शर्मा से मुलाकात की। इस दौरान समस्याओं के समाधान के लिए मंत्री से विशेष आग्रह किया। वहीं मंत्री जी ने भी सकारात्मक जवाब दिया। उन्होंने बताया कि वर्तमान में पूरे प्रदेश में जनता ट्रिपिंग की समस्या से जूझ रही है। इस भीषण गर्मी में हो रही ट्रिपिंग ने विभाग की छवि को भी धूमिल किया है। इसके साथ ही उन्होंने बिजली कटौती होने पर निर्धारित मुआवजा उपभोक्ताओं को दिए जाने की मांग की। उन्होंने कहा कि सभी कंपनियों में बहुत से पदों पर निदेशकों के पद खाली हैं। जिससे काम पूरी तरह से प्रभावित हो रहा है। ऐसे में काम न प्रभावित हो निदेशकों की जल्द से जल्द तैनाती की जाए।
उन्होंने मंत्री से मुलाकात के बाद बताया कि किसानों को पैसों का भुगतान होने के बाद भी उन्हे कनेक्शन नहीं दिए जा रहे हैं। स्टोरों में सामानों की कमी को बताकर कनेक्शन के लिए दौड़ाया जा रहा है। उन्होंने स्टोरोंं में सामानों को उपलब्ध कराने और खेती किसानी के लिए किसानों को तत्काल प्रभाव से कनेक्शन दिए जाने की मांग की। प्रदेश के ऊर्जामंत्री श्रीकांत शर्मा ने मौके पर ही उपभोक्ता परिषद के प्रस्ताव को अपर मुख्यसचिव ऊर्जा को भेजते हुए तत्काल कार्यवाही करने का भरोसा दिया और कहा सभी किसानों की मांगो पर जल्द सार्थक परिणाम सामने आएगा। विद्युत ट्रिपिंग को रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाये गये हैं, 1912 पर प्राप्त शिकायतों का तवरित निस्तारण के लिए निर्देश दिए गए हैं। जिसकी ग्राउंड रियल्टी भी चेक कराई जाएगी।
उपभोक्ता परिषद् ने ऊर्जा मंत्री जो को जो प्रस्ताव सौपा और मांग उठाई उसमे विभिन्न क्षेत्रों में भीषण गर्मी के चलते बिजली व्यवधान, ब्रेक डाउन को समय रहते उचित समय में निस्तारण न कराये जाने से उपभोक्ताओ में आक्रोश, जिसको लेकर सभी निगमों के उच्चाधिकारियो को तय समय सीमा में निस्तारण कराने का आदेश देना, आवश्यक अन्यथा आयोग द्वारा तय एसओपी में प्राविधानित उपभोक्ताओं को स्वतः मुआवजा देने का निर्देश देने की मांग उठाई।
किसानों द्वारा पूरे प्रदेश में पूर्ण जमा योजना में पैसा जमकरने के बाद भी कई कई महीनो से स्टोरों से सामान न निर्गत करना पूरी तरह गलत है। अधिकतम 15 दिन में किसानों के पैसा जमा करने के बाद उन्हे सामग्री दिलाने की वयवस्था कराई जाय। किसानो के लिए पूर्व में लागू सामान्य योजना जिसमे 68 हजार की सब्सिडी सरकार द्वारा दी जाती थी, उसे पुनः चालू कराई जाय। किसानों के कृषि फीडर पर 10 घंटे सप्लाई और दूसरे बिना कृषि फीडर पर पर 18 सबकी दर समान यह उचित नहीं। बिजली विभाग में सभी रिक्त पदों को अभियान चलाकर भरने की कार्यवाही, जिससे उपभोक्ताओं की संख्या के अनुपात में कार्मिको की संख्या हों।
