टनकपुर: स्वाला के पास मलबा आने से नेशनल हाइवे 8 घंटे रहा बंद
टनकपुर, अमृत विचार। शनिवार की रात्रि से क्षेत्र में हो रही मूसलाधार बरसात से जनजीवन पूरी तरह से अस्त-व्यस्त हो गया, वहीं भारी वर्षा के कारण टनकपुर चम्पावत एनएच मार्ग के स्वाला के पास मलवा आ जाने से मार्ग करीब 8 घंटे तक बाधित रहा।जिससे मैदानी व पर्वतीय क्षेत्र को आने जाने वाले यात्रियों को …
टनकपुर, अमृत विचार। शनिवार की रात्रि से क्षेत्र में हो रही मूसलाधार बरसात से जनजीवन पूरी तरह से अस्त-व्यस्त हो गया, वहीं भारी वर्षा के कारण टनकपुर चम्पावत एनएच मार्ग के स्वाला के पास मलवा आ जाने से मार्ग करीब 8 घंटे तक बाधित रहा।जिससे मैदानी व पर्वतीय क्षेत्र को आने जाने वाले यात्रियों को भारी दिक्कतें झेलनी पड़ी।
जिले के मैदानी क्षेत्र टनकपुर व उसके आसपास क्षेत्रों में शनिवार देर रात से हो रही मूसलधार बारिश से टनकपुर में जगह- जगह जल भराव हो गया। रोडवेज कार्यशाला परिसर, गांव आमबाग, नायकगोठ, विष्णुपुरी कालौनी, बिचई में भी जल भराव हो गया। इस क्षेत्र में कई घरों और गोशालों में पानी भरने से लोग परेशान रहे। हालांकि पर्वतीय इलाकों में इस बरसात से किसी बड़े नुकसान की कोई सूचना नहीं है।
कई मकानों में पानी घुसने से परिवारों में खाने-पीने का सामाना बर्बाद हो गया। वहीं शारदा नदी का भी जलस्तर बढ़ जाने से शारदा घाट क्षेत्र के अलावा गैंडाखाली, सैलानीगोठ नई बस्ती, उचौलीगोठ आदि स्थानों में बाढ़ की स्थिति उत्पन्न हो गई है। रविवार को जल भराव की सूचना के बाद एसडीएम हिमांशु कफल्टिया मौके पर पहुंच स्थिति का जायजा लिया। शारदा नदी के उफान पर आने के बाद शारदा घाट के आस-पास रह रहे परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर जाने को कहा गया है।
इधर भारी वर्षा के कारण रविवार को सुबह 6:30 बजे स्वाला के पास मलबा आने से टनकपुर-चम्पावत मार्ग बंद हो गया। लगभग आठ घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद दो बजे के आसपास सड़क को खोला जा सका। सड़क बंद होने से दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई। आवागमन सुचारू हुआ ही था कि दो बजे करीब धौन के पास एक बड़ा पेड़ गिरकर सड़क पर आ गया।
तीन बजे पेड़ को हटाकर आवागमन सुचारू किया गया।वही जिला मुख्यालय समेत पर्वतीय क्षेत्रों में सुबह नौ बजे बाद बारिश शुरू हुई। कई स्थानों पर हल्की और कई जगह मूसलधार बारिश हुई। टनकपुर और बनबसा में दोहपर एक बजे और चम्पावत समेत अन्य क्षेत्रों में दो बजे बारिश थम गई जिससे लोगों को राहत मिली। पूर्णागिरि क्षेत्र में भी काफी नुकसान होने के समाचार मिले हैं जबकि भैरव मंदिर के पास राजू भट्ट की दुकान बरसात के कारण ढह गई है। जिससे उनको काफी नुकसान उठाना पड़ा है। वही कई दुकानों को भी खतरा उत्पन्न हो गया है, जिससे अब मां पूर्णागिरि धाम में आ रहे श्रद्धालुओं को भी दिक्कतें आ सकती हैं।
घसियारामंडी हुई जलमग्न
टनकपुर। किरोड़ा नाला उफान पर आने से नाले का पानी वार्ड नंबर नौ घसियारामंडी तक पहुंच गया। सभासद योगेश पांडेय ने बताया कि पानी के लोगों के घरों में घुसने से काफी अधिक नुकसान हुआ है। बताया कि नाले के पानी को रोकने के लिए प्रशासन से कई बार मांग की जा चुकी है। लेकिन इस ओर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। उन्होंने जेसीबी मशीन की मदद से पानी का डायवर्जन अन्यत्र करने को मांग उठाई है। उधर पूर्णागिरि क्षेत्र में भी बारिश से काफी नुकसान हुआ है।
चम्पावत जिले की आठ ग्रामीण सड़कें बंद
टनकपुर। पहाड़ में भी हो रही भारी वर्षा के कारण जिले की आठ ग्रामीण सड़कें बंद हो गई। आपदा कंट्रोल रूम से प्राप्त जानकारी के अनुसार रौंशाल-डुंगराबोरा, खटोली मल्ली, धौन-द्यूरी-बजौन, खटोली-मल्ली वैला, धौन-बडोली एवं सिप्टी-अमकड़िया सड़क मलबा गिरने से बंद हो गई हैं। लोनिवि और पीएमजीएसवाई द्वारा सड़कों को खोलने का काम शुरू कर दिया गया है। इधर ग्रामीण अंचलों की सड़क बंद होने से ग्रामीणों को भारी दिक्कतों से दो-चार होना पड़ रहा है।
पंपापुर में मजदूर की झोपड़ी में गिरा पेड़, जानमाल का नुकसान नहीं
बनबसा। पंपापुर निवासी देवीराम की झोपड़ी पर रविवार को यूकेलिप्टस का पेड़ गिर गया। सूचना पर एसडीएम हिमांशु कफल्टिया ने तहसीलदार ललित मोहन तिवारी और पटवारी वीरेंद्र पुंडीर के साथ मौका मुआयना किया। पेड़ गिरने से झोपड़ी टूट गई। बताया गया कि देवीराम मजदूरी कर परिवार के साथ इस झोपड़ी के पास बनी दूसरी झोपड़ी में रहता था, यह झोपड़ी खाली पड़ी थी, जिस कारण जान-माल का नुकसान होने से बच गया। एसडीएम ने बताया कि नुकसान का आकलन कर रिपोर्ट जिला प्रशासन को भेजी जाएगी।
