रायबरेली: सरकारी नुमाइंदे ही सरकार को लगा रहे है चूना, विकास के नाम पर लाखों रुपए हजम

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Edited By Amrit Vichar
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रायबरेली। उत्तर प्रदेश सरकार ग्राम पंचायतों के विकास के लिए करोड़ों रुपए पानी की तरह बहा रही है परंतु सरकार के ही नुमाइंदे सरकार के द्वारा जारी शासनादेश का पलीता लगा रहे हैं। मामला रायबरेली जिले के विकासखंड सतांव में ग्राम पंचायत विकास अधिकारियों व रोजगार सेवकों की मिलीभगत से ग्राम पंचायतों में हो रहे …

रायबरेली। उत्तर प्रदेश सरकार ग्राम पंचायतों के विकास के लिए करोड़ों रुपए पानी की तरह बहा रही है परंतु सरकार के ही नुमाइंदे सरकार के द्वारा जारी शासनादेश का पलीता लगा रहे हैं। मामला रायबरेली जिले के विकासखंड सतांव में ग्राम पंचायत विकास अधिकारियों व रोजगार सेवकों की मिलीभगत से ग्राम पंचायतों में हो रहे महाघोटाला, आज तक नवनिर्वाचित ग्राम प्रधानों को मोहर तक नहीं दिलाई गई।

जी हां एक ऐसा ही मामला उत्तर प्रदेश के रायबरेली जिले के विकास खंड सतांव के अंतर्गत ग्राम पंचायत गोविंदपुर कठोइया का है जहां पर ग्राम विकास अधिकारी एवं ग्राम रोजगार सेवक की मिलीभगत से लाखों रुपए का बन्दर बांट कर रहे हैं और जब नवनिर्वाचित ग्राम प्रधान ग्राम पंचायत विकास अधिकारी से विकास कार्य को लेकर बात करते हैं तो ग्राम विकास अधिकारी एवं रोजगार सेवक के वाक्य है कि अभी तुम यहां क्या करने आए हो अभी तुम्हारा काम नहीं है यहां से चले जाओ।

अब सवाल उठता है क्या इसी प्रकार नवनिर्वाचित ग्राम प्रधान को ग्राम पंचायत अधिकारी के द्वारा बेज्जत होना पड़ेगा, जबकि हल्का लेखपाल, ग्राम विकास अधिकारी, एएनएम, ग्राम प्रधान के सचिव होते हैं। क्या इसी प्रकार नवनिर्वाचित ग्राम प्रधान को‌ मोहर आदि के लिए इंतजार और वो भी कब तक। जब पत्रकारों की टीम मौके पर जाकर देखा तो वहां का नजारा ही कुछ दूसरा था आंगनबाड़ी केंद्र का निर्माण कार्य जारी था लेकिन जो भी निर्माण कार्य हो रहा था वह सारा कार्य मानक के विपरीत था जब इस सिलसिले में खंड विकास अधिकारी से बात की गई तो उन्होंने यह तो कह दिया की जांच करवाएंगे लेकिन ऐसे बहुत सारे प्रकरण जब उठाए गए तो महोदय जी ने कागजी कार्यवाही कर कर मामले को रफा दफा कर दिए और पत्रकारों को यह बता दिया जाता है जांच में ऐसा कुछ भी नहीं है।

जब उत्तर प्रदेश की सरकार गांवों के विकास के लिए करोड़ों रुपए पानी की तरह बहा रही है तो क्या वीडियो साहब को यह समझ में नहीं कि इस सरकारी धन को हमारे ही अधिकारी इस धन को किस तरह से बंदरबांट कर रहे हैं उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री महंत योगी आदित्यनाथ जी एक योजना चलाई थी हमारे उत्तर प्रदेश की बहन बेटियां खुले में शौच नहीं करेंगी जिसके लिए सरकार ने मानक के अनुसार प्रत्येक ग्राम सभा में सार्वजनिक शौचालय का निर्माण कराने का संकल्प लिया था ऐसा नहीं है शौचालयों का निर्माण तो हुआ लेकिन यदि इस ब्लाक के अंतर्गत सर्वे किया जाए तब 95 परसेंट शौचालयों की स्थिति दयनीय है।

लेकिन यह अधिकारी है कि सिर्फ सरकारी धन को बंदरबांट करने में लगे हुए हैं मैं उत्तर प्रदेश की सरकार से यह पूछना चाहता हूं कि ऐसे अधिकारियों पर कब कार्यवाही होगी विकास के नाम पर बजट तो पास करा लेते हैं लेकिन हकीकत में वहां पर सिर्फ फॉर्मेलिटी पूरी की जाती है क्या रायबरेली जिले के डीएम साहब ऐसे भ्रष्ट अधिकारियों पर कोई कार्यवाही करेंगे या फिर बंदरबांट के चक्कर में इन अधिकारियों को बाइज्जत बरी कर दिया जाएगा यह आज का बहुत बड़ा सवाल है यह एक जांच का विषय है यदि ऐसे कर्मचारियों पर लगाम नहीं लगाई जाएगी तो कहीं ना कहीं उच्च अधिकारी भी संलिप्त हैं इसमें कोई दोराय नहीं है।

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