रामपुर : 10 मजदूरों के झुलसने पर निदेशक और पीआरओ के खिलाफ चार्जशीट दाखिल
रामपुर,अमृत विचार। रेडिको खेतान शराब फैक्ट्री में 6 मार्च को एल्कोहल टैंक फटने के बाद उसमें काम करने वाले 10 मजदूर झुलस गए थे। इस मामले में हादसे में घायलों की सूचना नहीं देने और बचाव उपकरण नहीं होने पर क्षेत्र के सब इंस्पेक्टर प्रशासनिक अफसरों के निर्देश पर सिविल लाइंस थाने में फैक्ट्री के …
रामपुर,अमृत विचार। रेडिको खेतान शराब फैक्ट्री में 6 मार्च को एल्कोहल टैंक फटने के बाद उसमें काम करने वाले 10 मजदूर झुलस गए थे। इस मामले में हादसे में घायलों की सूचना नहीं देने और बचाव उपकरण नहीं होने पर क्षेत्र के सब इंस्पेक्टर प्रशासनिक अफसरों के निर्देश पर सिविल लाइंस थाने में फैक्ट्री के निदेशक केपी सिंह पीआरओ इंद्रपाल सिंह समेत कई अधिकारियों पर मुकदमा दर्ज कराया था। इस मामले में सिविल लाइंस पुलिस ने चार्जशीट दाखिल कर दी है।
सिविल लाइंस थाना क्षेत्र के नेशनल हाईवे पर स्थित रेडिको खेतान में 6 मार्च की सुबह 8 बजे एल्कोहल टैंक में आग लगने के बाद वह धमाके के साथ फट गया था। आग लगने की जानकारी मिलने के बाद फैक्टरी प्रबंधन में हड़कंप मच गया था। सूचना मिलने के बाद फायर बिग्रेड भी मौके पर पहुंची थी। आग को बुझाना शुरू कर दिया था, लेकिन आग की लपटें तेज होने के कारण आग बुझाना मुश्किल हो रहा था।
बाद में बरेली और मुरादाबाद से भी दमकल वाहनों को बुलाना पड़ गया था। करीब 22 घंटे के बाद आग पर काबू पाया गया। हादसे में करीब 10 मजदूर घायल हुए थे। फैक्ट्री में प्रशानिक अधिकारी भी पहुंच गए थे। जहां फैक्ट्री से घायलों के बारे में जानकारी लेने पर किसी भी व्यक्ति के घायल नहीं होने की बात कहकर प्रशासनिक अधिकारियों को गुमराह किया गया।
साथ ही घायलों को इधर उधर छिपा दिया गया। इसके अलावा फैक्ट्री प्रबंधन ने अधिकारियों को समय से जानकारी नहीं दी थी। इसके अलावा आग बुझाने के उपकरण भी पर्याप्त नहीं थे। प्रशासन इसे कुप्रबंधन मानते हुए संपत्ति एल्कोहल आदि में विस्फोटक आगजनी से जनधन की हानि होना, विस्फोटक आगजनी की घटना को छिपाना, सूचना न देना, गंभीर घायलों को प्राथमिक उपचार नहीं देना, गैर इरादतन हत्या जैसे अपराध कारित करना, आगजनी से ज्वलनशील एल्कोहल टैंक में आग लगना जिससे विस्फोट होना, आगजनी से टिन शेड व दीवार गिर जाने के कारण लोगों का गंभीर रूप से घायल हो जाना शामिल है।
इस मामले में दरोगा भीमसेन ने सिविल लाइंस थाने में तहरीर देकर रेडिको खेतान के निदेशक केपी सिंह, फैक्ट्री के पीआरओ इंद्रपाल सिंह के अलावा सुरक्षा अधिकारी के खिलाफ आईपीसी की धारा 176, 177, 202, 285, 287, 308, 337, 338, 436 के तहत मुकदमा दर्ज कराया था। इस मामले में पुलिस लगातार विवचेना कर रही थी। विवचेना के बाद पुलिस ने इस प्रकरण में कोर्ट में चार्जशीट दाखिल कर दी है।
काफी मजदूरों को वहां से भगा दिया था
फैक्टरी में आग लगने के बाद मौके पर अफरा-तफरी का माहौल पैदा हो गया था। सूत्रों की माने तो आग लगने के समय काफी संख्या में मजदूर काम कर रहे थे। लेकिन आग लगने के दौरान आनन फानन में फैक्टरी प्रबंधन ने मजदूरों को वहां से भगा दिया था।ताकि प्रबंधन की पोल नहीं खुल जाए।
पहले भी हो चुके हैं कई हादसे
नेशल हाईवे पर स्थित डिस्टलरी हमेशा किसी ने किसी बात को लेकर विवादों में रहती है। कुछ दिनों पहले यहां एक कर्मचारी ने ट्रेन के आगे आकर आत्महत्या कर ली थी। इसके अलावा फैक्टरी से निकलने वाला गंदा पानी पर भी रोक लगाने के लिए भी कई संगठन अधिकारियों से इस पर रोक लगवाने की मांग कर चुके हैं। फैक्टरी के आसपास रहने वाले लोग इस भी काफी परेशान रहते हैं। कई मकानों के गेट तक खराब हो चुके हैं। कई साल पहले आग लगने के कारण कई मजदूर जल गए थे। उस समय भी फैक्टरी प्रबंधन ने मामले को निपटा दिया था। इस फैक्टरी में पहले आबकारी विभाग के सिपाही तक तड़पकर मर चुके हैं।
रेडिको खेतान में हुए अग्निकांड में निदेशक केपी सिंह सहित कई लोगों पर मुकदमा दर्ज हुआ था। इस मामले में विवचेना के बाद चार्जशीट लगा दी है। सभी को नोटिस भी तामील कर दिए गए थे।
-सुरजीत सिंह, एसएसआई सिविल लाइंस
