टनकपुर: बनलेख के पास मलवे में बहे कार और कैंटर
टनकपुर, अमृत विचार। चम्पावत जिले में मंगलवार को हुई मूसलाधार बरसात से कई स्थानों पर भारी नुकसान हुआ है। टनकपुर चम्पावत राष्ट्रीय राजमार्ग के बनलेख के पास मंगलवार को अपराहन करीब 2 बजे हुई मूसलधार बारिश से मार्ग पर खड़ी एक कार और कैंटर मलवे में बह गए। कार में चालक सहित पांच यात्री बैठे …
टनकपुर, अमृत विचार। चम्पावत जिले में मंगलवार को हुई मूसलाधार बरसात से कई स्थानों पर भारी नुकसान हुआ है। टनकपुर चम्पावत राष्ट्रीय राजमार्ग के बनलेख के पास मंगलवार को अपराहन करीब 2 बजे हुई मूसलधार बारिश से मार्ग पर खड़ी एक कार और कैंटर मलवे में बह गए।
कार में चालक सहित पांच यात्री बैठे थे, सभी यात्रियों को पुलिस और स्थानीय लोगों की मदद से सकुशल बाहर निकाला गया। इस घटना में कार सवार एक महिला को मामूली चोटें आई। सभी को उपचार के लिए जिला अस्पताल लाया गया है। घटना की जानकारी के बाद एसडीएम अनिल गर्ब्याल और सीओ अशोक कुमार मौके पर पहुंचे और उन्होंने राहत बचाव कार्य का निरीक्षण किया।
इधर एनएच में जगह-जगह मलबा आ जाने से मार्ग बाधित हो गया है, जिसके कारण पर्वतीय और मैदानी क्षेत्र को आने जाने वाले यात्री भी मार्ग में ही फंसे हुए हैं। वही पूर्णागिरि मार्ग के हनुमान चट्टी के पास आए बड़े बोल्डर को अभी तक नहीं हटाया जा सकता है। प्रशासन के इस मार्ग में आवाजाही बंद करने के बाद भी श्रद्धालुओं की मां पूर्णागिरि धाम के दर्शन के लिए आवाजाही जारी है, जिससे मार्ग में खतरा बना हुआ है। शारदा नदी का जल स्तर एक लाख क्यूसेक के पार होने पर अलर्ट जारी कर दिया गया है।
मंगलवार को एनएच बंद होने के कारण पुलिस ने वाहनों को बनलेख बैरियर के पास रोक दिया था। अचानक हुई मूसलाधार बरसात के साथ मलबा आ जाने से सड़क किनारे खड़ी कार संख्या- संख्या- एचआर, 72ई-6440 तथा कैंटर संख्या- यूके 05सीए-0913 बहकर खाई में चले गए। गनीमत रही की खाई बड़ी नहीं थी अन्यथा जनहानि हो सकती थी।वही मलबा आने से जिले की आठ ग्रामीण सड़कें पूरी तरह बंद हो गई हैं तो एक दर्जन सड़कों पर आंशिक मलबा गिरने से बड़े वाहनों का संचालन ठप हो गया है।
पूर्वान्ह 11 बजे बाद राष्ट्रीय राजमार्ग पर बनलेख, स्वाला, अमोड़ी, झालाकुड़ी बैंड, अमरूबैंड, आठवां मील आदि स्थानो पर मलबा आने से एनएच बंद हो गया। लगातार हो रही बारिश व कोहरे के कारण सड़क खोलने में दिक्कत आ रही थी। मार्ग बंद होने से पर्वतीय और मैदानी क्षेत्र को आने जाने वाले यात्रियों की भारी फजीहत हुई। पुलिस प्रशासन ने इस मार्ग में दुर्घटना की आशंका को देखते हुए चम्पावत की ओर आने वाले वाहनों को ककराली बैरियर पर और टनकपुर की ओर आने वाले वाहनों को बनलेख बैरियर के पास रोक दिया गया है। रोक दिया है। मंगलवार को हरम-रमैला, धूनाघाट-भिंगराड़ा, चम्पावत-खेतीखान और डुंगराबोरा-स्याला-पोथ सड़क मलबा आने से बंद हो गई हैं। अब बंद पड़ी ग्रामीण सड़कों की संख्या आठ पहुंच गई है।
इधर पुलिस अधीक्षक लोकेश्वर सिंह ने लोगों से अपील की है कि बारिश रुकने व मार्ग ठीक होने पर ही वह यात्रा करें। जरूरी होने पर टनकपुर हल्द्वानी वाया देवीधुरा लोहाघाट मार्ग से आवाजाही करें, साथ ही यात्रा से पहले चम्पावत पुलिस के सहायता नंबर 112, 05965, 230 607 और 9411112984 पर कॉल कर मार्गी के संबंध में सूचना ले सकते हैं।वही पूर्णागिरि मार्ग बंद होने से पूर्णागिरि धाम के दर्शन करने आए श्रद्धालुओं के दर्जनों वाहन तीन दिन से भैरव मंदिर के पास ही फंसे हैं।
लोनिवि ईई एपीएस बिष्ट ने बताया कि पूरी चट्टान के सड़क पर आ जाने से सड़क खोलने में देरी हो रही है। चट्टान को काटने वाली मशीन लगा दी गई है। शीघ्र सड़क को खोल दिया जाएगा। प्रशासन के सख्त निर्देश के बाद भी इस समय बाहर से आने वाले श्रद्धालु मां पूर्णागिरि धाम के दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं। जगह-जगह मार्ग खराब होने के कारण दुर्घटना की आशंका बनी हुई है, इस पर प्रशासन द्वारा किसी प्रकार की शक्ति नहीं बरती जा रही है। समाचार लिखे जाने तक एनएच के साथ पूर्णागिरि मार्ग को आवाजाही के लिए सुचारू नहीं किया जा सका था।
