बरेली: महाविद्यालयों को सभी पत्राचार ऑनलाइन ही करने होंगे
बरेली, अमृत विचार। महात्मा ज्योतिबा फुले रुहेलखंड विश्वविद्यालय (रुविवि) ḥके कुलपति प्रो. केपी सिंह ने शुक्रवार को राष्ट्रीय नई शिक्षा नीति, परीक्षाओं व महाविद्यालयों की अन्य समस्याओं को लेकर ऑनलाइन बैठक की। जिसमें राजकीय व अनुदानित महाविद्यालयों के प्राचार्य शामिल हुए। कुलपति ने कहा कि भविष्य में विश्वविद्यालय से संबंधित सभी तरह के पत्राचार महाविद्यालयों …
बरेली, अमृत विचार। महात्मा ज्योतिबा फुले रुहेलखंड विश्वविद्यालय (रुविवि) ḥके कुलपति प्रो. केपी सिंह ने शुक्रवार को राष्ट्रीय नई शिक्षा नीति, परीक्षाओं व महाविद्यालयों की अन्य समस्याओं को लेकर ऑनलाइन बैठक की। जिसमें राजकीय व अनुदानित महाविद्यालयों के प्राचार्य शामिल हुए। कुलपति ने कहा कि भविष्य में विश्वविद्यालय से संबंधित सभी तरह के पत्राचार महाविद्यालयों को ऑनलाइन ही करने होंगे। भुगतान भी ऑनलाइन ही किए जाएंगे। बरेली कॉलेज के प्राचार्य डा. अनुराग मोहन ने ओपन बुक माध्यम से होने वाली प्रयोगात्मक परीक्षाओं को एक दिन में कराने में असमर्थता जताते हुए समस्या रखी।
कुलपति कार्यालय स्थित समिति कक्ष में हुई बैठक में कुलपति ने बताया कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति को सर्वप्रथम अंगीकार करने के कारण उत्तर प्रदेश शासन तथा राज्यपाल ने विश्वविद्यालय की प्रशंसा की है। इसके लिए न केवल विश्वविद्यालय बल्कि इससे संबद्ध सभी महाविद्यालय भी बधाई के पात्र हैं। कुलपति ने सभी महाविद्यालयों को अपने-अपने यहां शोध समन्वयक नियुक्त करने की सलाह दी। कहा कि सभी समन्वयक विश्वविद्यालय के शोध निदेशालय के संपर्क में रहें।
कुलपति ने सभी महाविद्यालयों के प्राचार्यों से कहा कि वे शोध पत्रों में नकल पकड़ने वाले सॉफ्टवेयर ‘टर्निटिन’ का लॉगइन आईडी एवं पासवर्ड विश्वविद्यालय के शोध निदेशालय से प्राप्त कर लें, हालांकि ज्यादातर महाविद्यालयों को यह पूर्व में ही उपलब्ध कराया जा चुका है। महाविद्यालयों को पूर्व छात्रों को रुहेलखंड यूनिवर्सिटी एलुमिनी एसोसिएशन से जोड़ने को कहा।
असाइनमेंट जमा करने का मिले अधिक समय
बैठक में प्राचार्यों ने कुलपति के सामने परीक्षा व प्रवेश संबंधी कई समस्याएं रखीं। मुरादाबाद के एक महाविद्यालय के प्राचार्य ने ओपन बुक से परीक्षाओं के असाइनमेंट जमा करने को लेकर अधिक समय की मांग की। उन्होंने 24 अगस्त तक परीक्षाएं कराने की मांग की। बरेली कॉलेज के प्राचार्य डा. अनुराग मोहन ने भी प्रयोगात्मक परीक्षाओं को लेकर कुलपति से कहा कि उनके महाविद्यालय में छात्रों की संख्या काफी अधिक है। असाइनमेंट जमा करने के लिए अलग-अलग विषयवार समय दिया जाए। कुलपति ने इस पर समस्या के समाधान की बात कही। ऑनलाइन बैठक में विश्वविद्यालय के कुलसचिव डॉ राजीव कुमार, परीक्षा नियंत्रक अशोक कुमार अरविंद, मयंक अग्रवाल, संजीव कुमार, सुधाकर मौर्य एवं तपन कुमार वर्मा उपस्थित रहे।
