हल्द्वानी: नियुक्ति निकाले जाने की मांग को लेकर फार्मासिस्टों का प्रदर्शन
हल्द्वानी, अमृत विचार। प्रशिक्षित बेरोजगार एलोपैथिक डिप्लोमा फार्मासिस्ट महासंघ की कुमाऊं मंडल शाखा ने बुधवार को अपनी मांगों को लेकर बुद्ध पार्क में सांकेतिक धरना दिया। फार्मासिस्टों ने सरकार पर उपेक्षा का आरोप लगाया और विभाग में नियुक्ति निकालने की मांग की। मंडल अध्यक्ष विपिन डसीला ने बताया कि आईपीएचएस के मानक और सुप्रीम कोर्ट …
हल्द्वानी, अमृत विचार। प्रशिक्षित बेरोजगार एलोपैथिक डिप्लोमा फार्मासिस्ट महासंघ की कुमाऊं मंडल शाखा ने बुधवार को अपनी मांगों को लेकर बुद्ध पार्क में सांकेतिक धरना दिया। फार्मासिस्टों ने सरकार पर उपेक्षा का आरोप लगाया और विभाग में नियुक्ति निकालने की मांग की।
मंडल अध्यक्ष विपिन डसीला ने बताया कि आईपीएचएस के मानक और सुप्रीम कोर्ट के निर्दश के अनुसार दवाइयों का भंडारण, वितरण व दवाई से जुड़े समस्त काम केवल प्रशिक्षित व पंजीकृत फार्मासिस्ट ही संपादित कर सकता है। इसके बावजूद उत्तराखंड मे गैर फार्मासिस्ट व्यक्ति के हाथों में यह काम सौंप कर नियमों का उल्लंघन किया जा रहा है। कहा कि 2005-6 में 539 फार्मासिस्टों के पदों को यथावत रखने व अवशेष 1368 उपकेंद्रों पर जहां फार्मासिस्ट के पदों का सृजन नहीं हुआ है।
वर्तमान में फार्मेसिस्ट संवर्ग में एक भी पद पर भर्ती प्रक्रिया नहीं है, क्योंकि राज्य में आईपीएचएस मानकों के तहत उप केंद्रों से फार्मेसिस्ट के पद खत्म कर दिए गए हैं और उन पदों की नियुक्त फार्मेसिस्ट को चिकित्सालय में रिक्त हुए पदों पर समायोजित किया जा रहा है। महासंघ के जिला अध्यक्ष नरेन्द्र पवार ने कहा कि इस निर्णय से 20 सालों से रोजगार की आस लगाए हजारों फार्मेसिस्ट को आघात पहुंचा है।
जिला उपाध्यक्ष नीरज ततराड़ी ने कहा कि दवा वितरण से लेकर प्राथमिक उपचार देने में फार्मासिस्ट पारंगत होता है। चंदू कफल्टिया ने कहा कि एसटीएच में कार्यरत फार्मासिस्टों का कुशल श्रेणी में डाला गया है। हमारी मांग है कि हमें अति कुशल श्रेणी में रखा जाए। इस दौरान जिला महासचिव मुकेश रावत, जिला कोषाध्यक्ष राजू छुफाल, जिला संयोजक कमलेश चंद्र व जिला कार्यकारणी सदस्य चंद्रशेखर कफल्टिया, मोना पपोला, लोकेश सुयाल, शीतल बिष्ट, कमल सिंह, राकेश पलड़िया आदि थे।
