अल्मोड़ा: बैरती व आसपास के क्षेत्रों में नेटवर्क की समस्या से लोग परेशान
अल्मोड़ा, अमृत विचार। देश में जहां 5 जी सुविधा के ट्रायल की तैयारियां शरू होने जा रही हैं वहीं विकास खंड चौखुटिया के बैरती समेत न्यायपंचायत अखेडिया-नौगांव के कई गांवों में लोगों को समुचित मात्रा में संचार सुविधाएं नहीं मिल पा रहीं हैं। क्षेत्र में पांडेजर, उलैनी, दूनागिरी, सुफलदेवी एवं महतगांव में बीएसएनएल, वीआई, एयरटेल …
अल्मोड़ा, अमृत विचार। देश में जहां 5 जी सुविधा के ट्रायल की तैयारियां शरू होने जा रही हैं वहीं विकास खंड चौखुटिया के बैरती समेत न्यायपंचायत अखेडिया-नौगांव के कई गांवों में लोगों को समुचित मात्रा में संचार सुविधाएं नहीं मिल पा रहीं हैं। क्षेत्र में पांडेजर, उलैनी, दूनागिरी, सुफलदेवी एवं महतगांव में बीएसएनएल, वीआई, एयरटेल एवं जिओ कंपनियों के टावर लगे हैं मगर ये इस इलाके को समग्र रूप में आच्छादित नहीं करते।
जीओ कंपनी के दो टावरों का ढांचा क्षेत्र के गैड़ एवं पांडेजर इलाकों में इस बीच और खड़ा कर दिया गया है। इनमें उपकरण कब लगेंगे अभी कोई संभावना नहीं दिखती। बैरती समेत न्याय पंचायत अखोडिया-नौगांव के कई गांवों में नेटवर्क समस्या जस की तस बनीं हुई है। पांडेजर पान में लगे टावर का लाभ एक किमी दूर के बैरती ग्राम पंचायत में लोगों को समुचित मात्रा में नहीं मिल पा रहा है। उलैनी के जिओ टावर से भी बैरती क्षेत्र का मात्र तीन किमी. का दायरा कवर नहीं होता है।
यहीं हाल महतगांव के जिओ टावर का भी है। नजदीकी गांव गड़स्यारी में इस टावर का लाभ भी लोगों को नहीं मिल पा रहा है। इसके अलावा महाकालेश्वर एवं सेला क्षेत्र में भी संचार समस्या आते रहती है। आलम यह है कि नजदीक में टावर होने पर भी लोगों को मोबाइल हाथ में लेकर सिंग्नल ढूंढने के लिए इधर-उधर घूमना पड़ता है।
क्षेत्रवासियों ने इन टावरों के लिए हुए सर्वे पर भी आश्चर्य जताया है कि मात्र एक-दो गांवों की संचार समस्या का समाधान करने की ही व्यवस्था इन टावरों से हो पाई है फिर ऐसे टावर लागाने का क्या औचित्य? बीएसएनएल की सेवाओं का तो हाल और भी बुरा है। संचार समस्याओं से प्रभावित क्षेत्रीय ग्रामीणों ने पुन: मांग दोहराई है कि या तो इन टावरों की क्षमता बढ़ाई जाए अन्यथा क्षेत्र में नए टावर इस तरह लगाए जाएं कि समूचा क्षेत्र इनसे आच्छादित हो सके।
