खटीमा: राणा-थारू जनजाति की बालिकाओं के प्रति कथित टिप्पणी से भड़का युवा मंच
खटीमा, अमृत विचार। राणा थारू युवा मंच के कार्यकर्ताओं ने महाराणा प्रताप के वंशज थारू जनजाति की बालिकाओं के प्रति सोशल मीडिया के माध्यम से अभद्र टिप्पणी के वायरल करने का आरोप लगाया है। आक्राशित युवाओं ने तहसील पहुंचकर तहसीलदार के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा। जिसमें कहा है कि उक्त घटना को संज्ञान …
खटीमा, अमृत विचार। राणा थारू युवा मंच के कार्यकर्ताओं ने महाराणा प्रताप के वंशज थारू जनजाति की बालिकाओं के प्रति सोशल मीडिया के माध्यम से अभद्र टिप्पणी के वायरल करने का आरोप लगाया है। आक्राशित युवाओं ने तहसील पहुंचकर तहसीलदार के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा। जिसमें कहा है कि उक्त घटना को संज्ञान में लेते हुए आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
शनिवार को राणा थारू युवा मंच के अध्यक्ष राजवीर सिंह के नेतृत्व में कार्यकर्ता तहसील धमके। उन्होंने मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन तहसीलदार यूसुफ अली को सौंपा। जिसमें कहा है कि 24 जुलाई को मुख्यमंत्री का जिले के स्वागत का कार्यक्रम तय था। स्वागत कार्यक्रम में थारू जनजाति की बालिकाओं के द्वारा नानकमत्ता गुरूद्वारे के बाहर टीन शेड पर सांस्कृतिक कार्यक्रम के अनुसार लोक नृत्य किया गया था। आरोप लगाया कि उक्त कार्यक्रम यूपी के एक धार्मिक वाइस के फेसबुक आईडी से सोशल मीडिया में अपलोड किया गया है। एक संगठन के अध्यक्ष एवं अन्य के द्वारा वीडियो में थारू जनजाति की बच्चियों के प्रति अभद्र भाषा का प्रयोग किया गया है।
आरोप लगाया है कि उक्त सांस्कृतिक लोक नृत्य कार्यक्रम जो थारू जनजाति की बालिकाओं द्वारा प्रस्तुत किया गया था उनको कथित अभद्र शब्दों से संबोधित किया गया है। उक्त घटना से थारू जनजाति की संस्कृति व समाज को बदनाम कर उनकी सामाजिक प्रतिष्ठा को ठेस पहुंचाई गई है तथा सामाजिक सौहार्दपूर्ण वातावरण को दूषित करने का कार्य किया गया है।
एक विशेष वर्ग को अपमानित करने एवं छवि को धूमिल करने का प्रयास किया गया है। जिससे संपूर्ण थारू समाज में रोष व्याप्त है। ज्ञापन में उक्त घटना को संज्ञान में लेकर कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है। ज्ञापन देने वालों में अध्यक्ष राजवीर सिंह राणा, रामकिशोर राण, मलकीत, श्रवण, कृष्ण, आशीष, प्रियांशु, अनुज, अभिषेक राणा, अजय राणा, संजीत सिंह, रधीश, अखिलेश सिंह, मुकुल, गौरव आदि शामिल हैं।
