बनबसा: हर वर्ष जगबूढ़ा नदी की तबाही झेलते हैं देवीपुरा वाले
नवीन जोशी, बनबसा। चंपावत और ऊधमसिंह नगर की सीमा पर बसे देवीपुरा के ग्रामीण हर वर्ष बरसात के मौसम में जगबूढ़ा नदी से होने वाली तबाही झेलने को मजबूर हैं। हालांकि, इस तबाही को रोकने के लिए ग्रामीणों द्वारा कई बार शासन-प्रशासन से गुहार लगाई जा चुकी है लेकिन सुनवाई नहीं हो रही है। पहाड़ों …
नवीन जोशी, बनबसा। चंपावत और ऊधमसिंह नगर की सीमा पर बसे देवीपुरा के ग्रामीण हर वर्ष बरसात के मौसम में जगबूढ़ा नदी से होने वाली तबाही झेलने को मजबूर हैं। हालांकि, इस तबाही को रोकने के लिए ग्रामीणों द्वारा कई बार शासन-प्रशासन से गुहार लगाई जा चुकी है लेकिन सुनवाई नहीं हो रही है।
पहाड़ों के साथ ही क्षेत्र में बारिश होने पर जगबूढ़ा नदी का पानी पूरे ऊफान पर आ जाता है, जिससे नदी किनारों को काटते हुए गांव में घुस जाती है और तबाही मचाती है। इसके अलावा बनबसा, चंदफार्म, चूनाभट्टा, पचपकरिया, देशीफार्म का भी पानी देवीपुरा होते हुए जगबूढ़ा नदी में जाता है। इस तरह एक तरफ गांवों का पानी और दूसरी तरह जगबूढ़ा नदी का पानी देवीपुरा गांव में भरने से वहां बाढ़ जैसे हालात हो जाते हैं।
वहीं, किनारों पर सुरक्षा के उपाय नहीं होने से जगबूढ़ा नदी का पानी भूकटाव करता हुआ गांव की ओर बढ़ता है। पिछले माह जगबूढ़ा नदी का पानी गांव में घुसने से लोगों की खेतों में खड़ी फसल और घरों में रखा राशन, कपड़े, जानवरों का चारा समेत अन्य सामान खराब हो गया था, जबकि निकासी के अभाव में बारिश और वर्षों से चुगान नहीं होने से जगबूढ़ा नदी के पानी से गांव में जलभराव हो गया था।
अब भी कई स्थानों पर पानी भरा हुआ है। इस बाबत ग्रामीण कई बार मांग उठा चुके हैं, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही है। देवीपुरा के प्रधान दीपक प्रकाश चंद ने बताया कि उन्होंने कई बार एसडीएम के अलावा विधायक को भी इस समस्या के बाबत ज्ञापन दिए हैं लेकिन अब तक सुरक्षा के कोई उपाय नहीं हुए हैं। परेशान ग्रामीण रूप सिंह धामी, भूपेंद्र सिंह भंडारी, राजेंद्र सिंह ऐरी, गोपाल सिंह धामी आदि ने समस्या का समाधान नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी दी है।
पुराने नाले बंद होने से भी बढ़ी समस्या
गांव में पानी निकासी के जो नाले पूर्व में थे, वह वर्तमान में पूरी तरह बंद हो चुके हैं, जिस कारण बारिश का पानी गांव में ही भर जाता है और लंबे समय तक गांव में जलभराव की समस्या रहती है। ग्रामप्रधान चंद ने बताया कि अगर गांव निवासी दिवाकर चंद के खेत से लगभग 500 मीटर आगे का नाला खुलवाया जाए तो गांव के पानी की निकासी हो सकती है, क्योंकि ये नाला जगबूढ़ा नदी में जाकर मिलता है। इसके अलावा भूकटाव एवं जलभराव को रोकने के लिए जगबूढ़ा नदी के दोनों किनारे, जो गांव की सीमा से होकर बहते हैं, पर ब्लॉक और वायरक्रेटों की उचित व्यवस्था की जानी चाहिए।
मुसीबत बनकर गिरता है सनिया नाले का पानी
देवीपुरा के मझगांव वालों के लिए सनिया नाले का पानी हर वर्ष मुसीबत बनकर गिरता है। पिछले माह हुई मूसलाधार बारिश के दौरान सनिया नाले का जलस्तर बढ़ गया था, जिससे नाले के किनारे पर बनी सुरक्षा दीवार ध्वस्त हो गई थी और नाले का पानी मझगांव में घुस गया था। सुरक्षा दीवार ध्वस्त होने से वहां भूकटाव की आशंका भी बढ़ गई है। ग्राम प्रधान चंद ने प्राथमिक विद्यालय देवीपुरा से सोनिया नाले तक का नाला खुलवाने और नाले की ध्वस्त दीवार को शीघ्र बनाने की मांग की है।
