हल्द्वानी: गुटबाजी और उत्पीड़न से आहत होकर दिया इस्तीफा, पढ़िए पूरी खबर
हल्द्वानी, अमृत विचार। भाजपा के उत्तरी मंडल के पदाधिकारियों ने गुटबाजी और उत्पीड़न से आहत होकर इस्तीफा दिया था। इस्तीफा देने वाले पदाधिकारियों ने पत्रकार वार्ता में ये आरोप लगाए हैं। इस्तीफे के लिए जिलाध्यक्ष, महामंत्री के साथ ही महापौर को जिम्मेदार ठहराया है। मंडल पदाधिकारियों के आरोपों से भाजपा में सियासत गरमा गई है। …
हल्द्वानी, अमृत विचार। भाजपा के उत्तरी मंडल के पदाधिकारियों ने गुटबाजी और उत्पीड़न से आहत होकर इस्तीफा दिया था। इस्तीफा देने वाले पदाधिकारियों ने पत्रकार वार्ता में ये आरोप लगाए हैं। इस्तीफे के लिए जिलाध्यक्ष, महामंत्री के साथ ही महापौर को जिम्मेदार ठहराया है। मंडल पदाधिकारियों के आरोपों से भाजपा में सियासत गरमा गई है।
मंगलवार को इस्तीफा देने वाले भाजपा के उत्तरी मंडल के पदाधिकारियों की पीड़ा रामपुर रोड के एक रेस्तरां में आयोजित पत्रकार वार्ता में खुलकर सामने आई। उत्तरी मंडल के अध्यक्ष रहे नवीन पंत ने कहा कि गुटबाजी और उत्पीड़न के चलते पदाधिकारियों को इस्तीफा देने को मजबूर होना पड़ा। पंत ने कहा कि महापौर डॉ जोगेंद्र रौतेला मंडल में बिना उनको सूचना दिए कार्यक्रम आयोजित कर रहे थे। उनके मंडल में हो रही बैठक आदि गतिविधियों की जानकारी तक नहीं दी जा रही थी। इससे मंडल में गुटबाजी को हवा मिल रही थी। मंडल से पार्षद मनोनीत करने से पहले भी मंडल पदाधिकारियों को विश्वास में नहीं लिया गया। महापौर जानबूझकर पदाधिकारियों के वार्ड में विकास कार्यों की उपेक्षा कर रहे थे।
उन्होंने जिला महामंत्री प्रदीप जनौटी पर उत्पीड़न का भी आरोप लगाया। कहा कि महामंत्री ने मंडल पदाधिकारियों के साथ कई बार अभद्रता की। कार्यक्रमों में पदाधिकारियों को नीचा दिखाने और हतोत्साहित करने का प्रयास किया। महामंत्री ने पदाधिकारियों से पार्टी कार्यकर्ता नहीं बल्कि निजी कर्मचारी की तरह काम लिया। उन्होंने आरोप लगाया कि जिलाध्यक्ष प्रदीप बिष्ट से इस संबंध में शिकायत भी की गई। लेकिन विधान सभा चुनाव लड़ने की तैयारी में जिलाध्यक्ष ने शिकायत को गंभीरता से नहीं लिया और पदाधिकारियों की अनदेखी की। इस मौके पर उत्तरी मंडल से इस्तीफा देने वाले पदाधिकारी दिशांत टंडन, महिला मोर्चा अध्यक्ष दीप्ति चुफाल आदि थे।
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विवाद के साथ भाजपा की गुटबाजी आई सतह पर
भाजपा में पदाधिकारियों के बीच विवाद के साथ ही अंदरखाने चल रही गुटबाजी सतह पर आ गई है। ऐसा नहीं है कि गुटबाजी कोई नई बात है। इससे पहले भी जिला भाजपा में गुटबाजी सामने आती रही है। पदाधिकारी और कार्यकर्ता दबी जुबान में गुटबाजी के खिलाफ आवाज उठाते रहे हैं। लेकिन पहली बार भाजपा पदाधिकारियों ने खुलेआम पार्टी के भीतर गुटबाजी का मामला उठाया है। इस्तीफा देने वाले पंत का कहना है कि पार्टी के भीतर तमाम कार्यकर्ता पदाधिकारियों की गुटबाजी से आहत हैं। गुटबाजी के चलते समर्पित कार्यकर्ताओं को सम्मान नहीं मिल पा रहा है। उनकी बात तक नहीं सुनी जा रही है। कुछ पदाधिकारी पार्टी को अपने परिवार के हिसाब से चलाने का प्रयास कर रहे हैं। भाई-भतीजावाद का बोलबाला है।
आरोपों से गरमाई भाजपा की सियासत
चुनाव पास आते ही भाजपा के भीतर असंतोष के स्वर उठने लगे हैं। पदाधिकारियों के इस्तीफे के बाद सामने आए आरोपों से भाजपा की सियासत गरमा गई है। इससे चुनाव की तैयारियों में जुटी पार्टी के लिए मुश्किलें और बढ़ सकती है। दूसरी ओर पदाधिकारियों के बीच रार से पार्टी भी खुद असहज महसूस कर रही है। विपक्षियों को भी बैठे बिठाए भाजपा पर सवाल उठाने का मौका मिल गया है। आने वाले समय में पदाधिकारियों के इस्तीफे और असंतोष के स्वर भाजपा के चुनावी समीकरणों को बिगाड़ सकते हैं। इस्तीफा देने वाले पदाधिकारियों के आरोपों से जिलाध्यक्ष, महामंत्री और महापौर भी सवालों के घेरे में आ गए हैं। हालांकि अभी तक पार्टी के बड़े नेताओं की ओर से इस संबंध में बयान सामने नहीं आए हैं। लेकिन भीतरखाने बड़े नेता इस विवाद के बाद पार्टी को हुए नुकसान की भरपाई में जुटे हुए हैं।
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पद छोड़ा है पार्टी नहीं
इस्तीफा देने वाले उत्तरी मंडल अध्यक्ष नवीन पंत का कहना है कि वह भाजपा के सच्चे सिपाही हैं। वह पार्टी में बने रहेंगे और सेवा करते रहेंगे। उन्होंने पद छोड़ा है, पार्टी नहीं। इस्तीफा देने वाले अन्य पदाधिकारियों ने भी पार्टी में बने रहने की बात दोहराई।
भाजपा एक अनुशासित पार्टी है। पार्टी में पहले कार्यकर्ता का स्थान है और फिर पदाधिकारी। गुटबाजी और उत्पीड़न के आरोप बेबुनियाद हैं। इस संबंध में प्रदेश नेतृत्व को वस्तुस्थिति से अवगत कराकर मार्गदर्शन मांगा है।-प्रदीप बिष्ट, जिलाध्यक्ष, भाजपा
