हल्द्वानी: मुक्तेश्वर आईवीआरआई में 200 वाहनों की पार्किंग के लिए मांगी भूमि
हल्द्वानी, अमृत विचार। वीकेंड पर पर्यटकों की बढ़ती संख्या को देखते हुए जिला प्रशासन ने मुक्तेश्वर के आईवीआरआई में 200 वाहनों की पार्किंग के लिए भूमि देने की मांग की है। पार्किंग बनने से जाम का झंझट नहीं होगा। कोविड कफर्यू खत्म होने और उत्तराखंड में आवागमन में रियायत मिलने के बाद नैनीताल, मुक्तेश्वर, रामगढ़, …
हल्द्वानी, अमृत विचार। वीकेंड पर पर्यटकों की बढ़ती संख्या को देखते हुए जिला प्रशासन ने मुक्तेश्वर के आईवीआरआई में 200 वाहनों की पार्किंग के लिए भूमि देने की मांग की है। पार्किंग बनने से जाम का झंझट नहीं होगा।
कोविड कफर्यू खत्म होने और उत्तराखंड में आवागमन में रियायत मिलने के बाद नैनीताल, मुक्तेश्वर, रामगढ़, भीमताल, भवाली में पर्यटकों की संख्या में बढ़ोत्तरी हुई है। खासकर, वीकेंड पर पर्यटकों की भीड़ उमड़ पड़ती है। पिछले दो-तीन वीकेंड पर 15 से 20 हजार सैलानी तक पहुंचे हैं। इधर, मुक्तेश्वर में पार्किंग का कोई इंतजाम नहीं है। वाहनों के यहां वहां खड़ा होने से ट्रैफिक व्यवस्था ध्वस्त हो जाती है और पर्यटकों के संग स्थानीय नागरिकों को असुविधा भी होती है। इसी के मद्देनजर जिलाधिकारी धीराज सिंह गर्ब्याल ने भारतीय पशु चिकित्सा अनुसंधान संस्थान के निदेशक को पत्र लिखकर आईवीआरआई में 200 वाहनों की पार्किंग के लिए भूमि की मांग की है। उन्होंने कहा है कि पार्किंग के लिए भूमि देने से स्वामित्व में कोई परिवर्तन नहीं होगा। यह पार्किंग जिला प्रशासन, आईवाआरआई प्रशासन चाहे तो स्वयं या पीपीपी मोड पर संचालित की जा सकती है। इससे आईवीआरआई को राजस्व की प्राप्ति होगी और मुक्तेश्वर में जाम के झाम से भी छुटकारा मिलेगा।
आईवीआरआई निदेशक को पत्र लिखकर 200 वाहनों की भूमि के लिए स्थान देने को कहा गया है। यदि भूमि मिल जाती है तो पर्यटन सीजन, वीकेंड में पर्यटकों, स्थानीय नागरिकों को जाम की समस्या से निजात मिलेगी।
= धीराज सिंह गर्ब्याल, जिलाधिकारी नैनीताल
