हल्द्वानी: सर्वे बताएगा पीएम की अपेक्षा पर कितनी खरी उतरी पुलिस
गौरव पांडेय, हल्द्वानी। अपनी कार्यप्रणाली और तौर-तरीकों को लेकर भारतीय पुलिस अक्सर नागरिकों की आलोचना के केंद्र में रहती है। इसके चलते अक्सर समाज में पुलिस की नकारात्मक छवि बनती है। वर्ष 2014 में सत्ता संभालने के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने भारतीय पुलिस की छवि बदलने और अपेक्षानुरूप सुधार के मंत्र दिए थे। इसके छह …
गौरव पांडेय, हल्द्वानी। अपनी कार्यप्रणाली और तौर-तरीकों को लेकर भारतीय पुलिस अक्सर नागरिकों की आलोचना के केंद्र में रहती है। इसके चलते अक्सर समाज में पुलिस की नकारात्मक छवि बनती है। वर्ष 2014 में सत्ता संभालने के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने भारतीय पुलिस की छवि बदलने और अपेक्षानुरूप सुधार के मंत्र दिए थे। इसके छह साल बाद अब बारी पुलिस के मूल्यांकन की है। भारतीय पुलिस फाउंडेशन पुलिस के कामकाज और नागरिकों में संतुष्टि के स्तर को जानने के लिए सर्वे करा रहा है। इसमें नागरिक पुलिस के कार्यो का मूल्यांकन करेंगे।
इस सर्वे का नतीजा बताएगा कि प्रधानमंत्री मोदी की अपेक्षा पर पुलिस कितनी खरी उतरी। भारतीय पुलिस फाउंडेशन के इस सर्वे में सभी नागरिक भाग ले सकते हैं। इस सर्वे में ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों ही तरह से भाग लिया जा सकता है। नागरिकों को इस सर्वे में भाग लेने के लिए महज पांच मिनट देने होंगे। सर्वे के उत्तरदाताओं को अपनी व्यक्तिगत जानकारियों के साथ ही पुलिस के कामकाज को लेकर 11 बिंदुओं में अपनी वस्तुनिष्ठ राय देनी होगी।
फाउंडेशन सर्वे में भाग लेने वालों की सभी जानकारी गोपनीय रखेगा। यह सर्वे हिंदी और इंग्लिश के साथ ही नौ अन्य भारत की क्षेत्रीय भाषाओं में होगा। पुलिस फाउंडेशन की वेबसाइट पर जाकर सर्वे में लिंक कर ऑनलाइन भाग लिया जा सकता है। ऑफलाइन सर्वे के लिए सर्वे फार्म भरना होगा। इस सर्वे का उद्देश्य जमीनी हकीकत के आधार पर पुलिस के कामकाज में प्रगति का मूल्यांकन करना है। सर्वे के आधार पर 22 सितंबर को पुलिस सुधार दिवस के अवसर पर शहर, जिला और राज्य पुलिस की रैंकिंग तय की जाएगी। सर्वे में भाग लेने की अंतिम तिथि 31 जुलाई है।
पीएम ने छह साल पहले दिया था पांच सूत्री मंत्र
वर्ष 2014 में पीएम ने गुवाहाटी में आयोजित राज्य एवं केंद्रीय पुलिस बलों के पुलिस महानिदेशकों के सम्मेलन में स्मार्ट पुलिसिंग का विजन पेश किया था। पुलिस बलों के सम्मुख इस विजन को रखते हुए पीएम ने अपेक्षानुरूप बदलाव लाने के निर्देश दिए थे। इस विजन के तहत पीएम ने पुलिस बलों को पांच सूत्री मंत्र दिया था। पुलिस से सख्त और संवेदनशील, आधुनिक और गतिमान, सतर्क और उत्तरदायी, विश्वसनीय और अनुक्रियाशील, तकनीक भिज्ञ और प्रशिक्षित होने की अपेक्षा जताई थी।
सर्वे के आधार पर तैयार होगा नीति परामर्शी शोध
सर्वे के आधार पर भारतीय पुलिस फाउंडेशन एक नीति परामर्शी शोध पत्र तैयार करेगा। यह शोध पत्र राज्य और केंद्र सरकार को प्रस्तुत किया जाएगा। इसके आधार पर सरकार को पुलिसिंग में सुधार के लिए नीतिनिर्धारण में मदद मिलेगी।
गौरव
