हल्द्वानी: पता नहीं जी कौन सी मिठाई सही, कौन सी खराब

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हल्द्वानी, अमृत विचार। राखी का त्योहार नजदीक है। ऐसे में मिठाई की खपत बढ़ जाती है। बाजार में मिलने वाली मिठाई की गुणवत्ता को लेकर कई बार सवाल उठते हैं। ऐसे में मिठाई की दुकान पर मिठाई के साथ एक्सपाइरी डेट का लिखा जाने का नियम है। दिवाली के समय इस नियम पर काम भी …

हल्द्वानी, अमृत विचार। राखी का त्योहार नजदीक है। ऐसे में मिठाई की खपत बढ़ जाती है। बाजार में मिलने वाली मिठाई की गुणवत्ता को लेकर कई बार सवाल उठते हैं। ऐसे में मिठाई की दुकान पर मिठाई के साथ एक्सपाइरी डेट का लिखा जाने का नियम है। दिवाली के समय इस नियम पर काम भी हुआ, लेकिन बाद में खाद्य सुरक्षा विभाग की लापरवाही के चलते इस नियम का जमकर माखौल उड़ाया गया।

खाद्य सुरक्षा विभाग विभाग केवल त्योहारों के सीजन में ही जागता है। हालांकि तब भी काम आधा अधूरा ही किया जाता है। बाजार में हलवाइयों की दुकान पर जो मिठाई मिल रही है, वह ताजी है या खराब, इसका पता ग्राहकों को नहीं होता। साथ ही मिठाई बनाने में जो सामग्री इस्तेमाल की जा रही है, उसकी गुणवत्ता कैसी है इसको लेकर भी संबधित विभाग की ओर से केवल खानापूर्ति की जाती है।

इसका फायदा उठाकर दुकानदार बासी मिठाई भी बेच देते है। कोरोना काल में एक्सपाइरी हो चुकी मिठाइयों को खाना सेहत के साथ खिलवाड़ है। फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड अथॉरिटी ऑफ इंडिया के अनुसार मिठाई कारोबारियों को अब काउंटर के अंदर रखी मिठाइयों के डिब्बों में एक्सपाइरी डेट लिखना अनिवार्य है। कुछ मिठाई तो ऐसी होती हैं जो बनाने के बाद दूसरे दिन ही खराब हो जातीं हैं। इसके बावजूद इनको तीन से चार दिन बेचने के लिए रखा जाता है।

मिठाई मियाद
बेसन के लड्डू छह दिन
चॉकलेट छह दिन
बालूशाही छह दिन
सोन पपड़ी छह दिन
बाल मिठाई छह दिन
मीठे समोसे चार दिन
मोतीचूर के लड्डू तीन दिन
पेडे चार दिन
बर्फी तीन दिन
मिल्क केक दो दिन
छोटे रसगुल्ले एक दिन
मलाई चोप्स दो दिन
रसभरी तीन दिन
गुलाब जामुन तीन दिन

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