यूपी: बीएड प्रवेश परीक्षा में साल्वर गैंग का हुआ भंडाफोड़, युवती समेत शिक्षक गिरफ्तार
लखनऊ। एसटीएफ ने बीएड प्रवेश परीक्षा में साल्वर गैंग का खुलासा किया है। इस मामले में अभ्यर्थी की जगह परीक्षा दे रही एक युवती और एक शिक्षक को गिरफ्तार किया है। एसटीएफ का दावा है कि युवती अभी तक विभिन्न अभ्यथिर्यों के स्थान पर पांच प्रतियोगी परीक्षाओं में बैठ चुकी है। इसके लिए युवती बकायदा …
लखनऊ। एसटीएफ ने बीएड प्रवेश परीक्षा में साल्वर गैंग का खुलासा किया है। इस मामले में अभ्यर्थी की जगह परीक्षा दे रही एक युवती और एक शिक्षक को गिरफ्तार किया है। एसटीएफ का दावा है कि युवती अभी तक विभिन्न अभ्यथिर्यों के स्थान पर पांच प्रतियोगी परीक्षाओं में बैठ चुकी है। इसके लिए युवती बकायदा मोटी धनराशि वसूल करती थी। हालांकि जिस महिला अभ्यर्थी के स्थान पर युवती परीक्षा दे रही थी वह मौके से फरार हो गई। एसटीएफ युवती और शिक्षक से पूछताछ कर रहे हैं। उम्मीद है इस मामले में अभी कई और खुलासे हो सकते हैं।
वहीं एसटीएफ इस साल्वर गैंग से जुड़े एक अन्य आरोपी की भी तलाश कर रही है। सीओ एसटीएफ नवेन्दु सिंह ने बताया कि बीएड की परीक्षा में सॉल्वर गैंग की निगरानी के लिए विशेष टीम गठित की गई थी। शुक्रवार को परीक्षा के दौरान मुखबिर से सूचना मिली की प्रयागराज हंडिया स्थित पीजी कॉलेज में कोरांव की रहने वाली अभ्यर्थी ऊषा देवी के स्थान पर कोई अन्य महिला परीक्षा दे रही है। जिसके बाद एसटीएफ ने छापेमारी कर मौके से ही साल्वर दीक्षा को गिरफ्तार कर लिया। उसके पास से एसटीएफ को कई कूटरचित दस्तावेज बरामद हुए हैं।
साल्वर दीक्षा से पूछताछ के बाद एसटीएफ ने इस गैंग से जुडे़ एक अन्य सदस्य बालेंद्र सिंह पटेल को गिरफ्तार किया है। बालेन्द्र सिंह पटेल पेशे से शिक्षक है। वहीं दीक्षा मूलरूप से फतेहपुर जिले की रहने वाली है और उसका अपने पति से तलाक हो चुका है। वर्तमान में वह नोएडा में रहकर प्राइवेट नौकरी करती है। एसटीएफ पूछताछ में इस बात का भी खुलासा हुआ कि दीक्षा दूसरे के स्थान पर परीक्षा देने के लिए 50 हजार रुपए एडवांस लेती थी।
परीक्षा में पास होने के बाद वह पांच लाख रुपए वसूल करती थी। शुक्रवार को बीएड की प्रवेश परीक्षा में बैठने के लिए उसने 20 हजार रुपए एडवांस लिए थे। एसटीएफ की मानें तो साल्वर दीक्षा और अभ्यर्थियों को मिलाने का काम शिक्षक बालेंद्र सिंह पटेल ही करता था। बहरहाल दोनों से एसटीएफ की पूछताछ जारी है। एसटीएफ यह जानने का प्रयास भी कर रही है कि इस गैंग के सदस्य अभी तक कितने लोगों के स्थान पर फर्जी तरीके से दूसरे लोगों को परीक्षा दिला चुके हैं और अभी तक कितनों का सरकारी सेवा में चयन या एडमिशन करा चुके हैं।
