नैनीताल: बेताघाट से हुआ सबसे ज्यादा पलायन
नैनीताल, अमृत विचार। उत्तराखंड में पलायन ज्वलंत समस्या है। सरोवर एवं पर्यटन नगरी नैनीताल में भी तेजी से पलायन हुआ है। राज्य गठन के 20 साल बाद भी दूरस्थ इलाकों में बिजली, पानी, स्वास्थ्य, शिक्षा जैसी मूलभूत सुविधाएं नहीं है। ग्राम्य विकास एवं पलायन आयोग उपाध्यक्ष डॉ. एसएस नेगी ने बताया कि आयोग नैनीताल जिले में …
नैनीताल, अमृत विचार। उत्तराखंड में पलायन ज्वलंत समस्या है। सरोवर एवं पर्यटन नगरी नैनीताल में भी तेजी से पलायन हुआ है। राज्य गठन के 20 साल बाद भी दूरस्थ इलाकों में बिजली, पानी, स्वास्थ्य, शिक्षा जैसी मूलभूत सुविधाएं नहीं है।
ग्राम्य विकास एवं पलायन आयोग उपाध्यक्ष डॉ. एसएस नेगी ने बताया कि आयोग नैनीताल जिले में सामाजिक, आर्थिक सर्वेक्षण कर रहा है। आठ ब्लॉकों बेतालघाट, भीमताल, धारी, कोटाबाग, ओखलकांडा, रामगढ़, हल्द्वानी व रामनगर में सर्वेक्षण हो रहा है। उन्होंने कहा कि सर्वे में पलायन की वजह, ब्लॉकवार पलायन की स्थिति, सामाजिक, आर्थिक स्थिति, ग्राम्य विकास योजनाओं का हाल, स्वरोजगार की तस्वीर समेत अन्य बिंदुओं पर रिपोर्ट तैयार की जा रही है।
नेगी के मुताबिक सर्वे में शुरुआती दौर में सामने आया है कि नैनीताल में पर्यटन व कृषि मुख्य आय के स्रोत हैं, लेकिन पर्वतीय ब्लॉकों में बेतालघाट से सबसे ज्यादा पलायन हुआ है हालांकि अन्य ब्लॉक यहां तक की मैदानी ब्लॉक हल्द्वानी व रामनगर से भी पलायन हुआ है। उन्होंने कहा कि यहां स्थिति गंभीर नहीं है, पलायन रोकने के लिए रिमोट एरिया में में आजीविका विकास पर ध्यान देने की जरूरत है। 15 सितंबर तक सर्वे पूरा हो जाएगा। फिर यह रिपोर्ट राज्य सरकार को सौंप दी जाएगी।
