हल्द्वानी: पेयजल निगम के राजकीयकरण की मांग को लेकर कर्मचारी मुखर
हल्द्वानी, अमृत विचार। उत्तराखंड पेयजल निगम के राजकीयकरण की मांग को लेकर कर्मचारियों ने निगम कार्यालय में गेट मीटिंग की। कर्मचारियों ने सरकार पर आरोप लगाया कि सरकार पेयजल निगम के राजकीयकरण की मांग को लेकर केवल हीलाहवाली कर रही है। वक्ताओं ने कहा कि सरकार कर्मियों को समय पर वेतन, पेंशन व अन्य वित्तीय …
हल्द्वानी, अमृत विचार। उत्तराखंड पेयजल निगम के राजकीयकरण की मांग को लेकर कर्मचारियों ने निगम कार्यालय में गेट मीटिंग की। कर्मचारियों ने सरकार पर आरोप लगाया कि सरकार पेयजल निगम के राजकीयकरण की मांग को लेकर केवल हीलाहवाली कर रही है। वक्ताओं ने कहा कि सरकार कर्मियों को समय पर वेतन, पेंशन व अन्य वित्तीय लाभ न देकर उत्पीड़न किया जा रहा है।
राजकीयकरण की मांग को लेकर उत्तराखंड पेयजल निगम के डिप्लोमा इंजीनियर संगठन, उत्तराखंड पेयजल निगम कर्मचारी महासंघ, फील्ड कर्मचारी संगठन, जल निगम-जल संस्थान मजदूर यूनियन, पेंशनर्स एसोसिएशन, ईई एसोसिएशन समेत कई अन्य संगठन समन्वय समिति के बैनर तले एकजुट होकर आंदोलन में प्रतिभाग किया।
कर्मचारियों ने कहा कि अगर राजकीयकरण नहीं किया गया तो उग्र आंदोलन किया जाएगा। इस दौरान भुवन जोशी, पीएस मेहरा, शीतल साह, बीके पंत, हिमांशु वर्मा, एके कटारिया, यतेंद्र सिंह, रवींद्र, जगत सिंह, सुरेंद्र खंपा, गिरीश उप्रेती, प्रताप सिंह जीना, केदार सिंह, गीता जोशी आदि थे।
