बरेली: मुफ्त यात्रा में अव्यवस्था, बहनें बसों के लिए तरसीं
बरेली, अमृत विचार। रक्षाबंधन पर रोडवेज बसों की अव्यवस्था ने बहनों का त्योहार फीका कर दिया। 24 घंटे के लिए बसों में मुफ्त यात्रा करने की घोषणा के बाद परिवहन निगम बसों का इंतजाम नहीं कर पाया। बस कब आएगी, ये बताने के लिए भी रोडवेज बस स्टैंड पर कर्मचारी तक तैनात नहीं था। बसें …
बरेली, अमृत विचार। रक्षाबंधन पर रोडवेज बसों की अव्यवस्था ने बहनों का त्योहार फीका कर दिया। 24 घंटे के लिए बसों में मुफ्त यात्रा करने की घोषणा के बाद परिवहन निगम बसों का इंतजाम नहीं कर पाया। बस कब आएगी, ये बताने के लिए भी रोडवेज बस स्टैंड पर कर्मचारी तक तैनात नहीं था। बसें न होने से बहनों को तमाम दिक्कतों का सामना करना पड़ा। छोटे रूटों की बसों के लिए कई घंटे तक इंतजार करना पड़ा। सीट को लेकर यात्रियों में मारपीट की नौबत तक आ गयी। धक्का-मुक्की के बीच बहनें बसों में चढ़ी और उतरीं। जान जोखिम में डालकर बच्चों को खिड़कियों से बसों में बैठाया गया। सीट के लिए लोग चालक की सीट की खिड़की तक से भी घुस गए।
रक्षाबंधन के मौके पर रविवार की सुबह करीब 11 बजे के समय काफी संख्या में यात्री शहर के पुराना रोडवेज बस अड्डे पर खड़े हुए थे। जिसमें से महिलाओं की जुबान पर था कि भाई किराया तो मुफ्त कर दिया, लेकिन ये तो बताओ बस कब आएगी, खड़े-खड़े थक गए। महिलाओं को सफर के लिए बसों में सीट हासिल करना सबसे मुसीबत का काम रहा। सीट को कवर करने के लिए सवारियों की आपस में कहासुनी भी हुई। बहुत से यात्रियों ने खिड़कियों से बच्चों को अंदर भेजा और सीट हासिल करवाई।
रोडवेज पर उमड़ी भीड़ से कोरोना के नियमों की जमकर धज्जियां उड़ाई गई। मुरादबाद, बदायूं, पीलीभीत, शाहजहांपुर, रामपुर, बिजनौर और दिल्ली समेत उत्तराखंड जाने वाली बसों के लिए एक से लेकर तीन घंटे तक महिलाओं का बसों का इंतजार करना पड़ा। गोद में बच्चा व एक हाथ में बैग लेकर महिला को बस में चढ़ना किसी चुनौती से कम नहीं था। बस में सीट पाने को लेकर हालत इतनी अधिक खराब थी कि सीट पाने को बच्चों को खिड़की तक से घुसा दिया जा रहा था।
जमकर उड़ाई गई कोरोना नियमों की धज्जियां
रक्षाबंधन पर बहनों के लिए आवागमन की सुविधा को आसान बनाए जाने के किए दावों की पोल रविवार की सुबह ही खुल गई। कहने को तो बहनों के लिए प्रदेश सरकार ने रोडवेज बसों में निशुल्क यात्रा के आदेश जारी किए थे। हुआ तो ऐसा ही, बहनों से यात्रा का कोई शुल्क नहीं लिया गया, भाइयों के घर पहुंचने के लिए बहनों को सफर में काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ा। सोमवार को रोडवेज बसों में सवार होने को आपाधापी व धक्कामुक्की मची रही। सोशल डिस्टेंसिंग की धज्जिया उड़ी। कोरोना काल में बसों में सवारियों को लेकर बनाए गए सभी नियम टूट गए। अधिकतर लोग बिना मास्क के नजर आए।
शांति व्यवस्था के मद्देनजर बस स्टैंड पर तैनात रही पुलिस
भाई-बहन के प्यार के पर्व पर सुरक्षा की दृष्टि से पुलिस और प्रशासन भी अलर्ट रहा। महिलाओं की सुरक्षा के लिए रेलवे स्टेशन और बस स्टैंड जैसे भीड़-भाड़ वाले स्थानों पर दिनभर पुलिस तैनात रही। पुलिस ने आने-जाने वाले यात्रियों व उनके सामान की चेंकिंग भी की। इसके अलावा संदिग्ध जगहों पर महिला पुलिस सहित अतिरिक्त पुलिस बल की भी तैनाती की गई।
यात्रियों का मोबाइल चोरी करता पकड़ा गया चोर
रक्षाबंधन पर शहर के सेटेलाइट और पुराना रोडवेज बस स्टैंड पर यात्रियों की भीड़ के साथ जेबकतरे भी अर्लट हो गए। पुराना रोडवेज बस स्टैंड पर रविवार की दोपहर एक चोर ने एक यात्री की जेब से मोबाइल निकाल लिया। उसके बाद वहां मौजूद अन्य लोगों ने युवक को पकड़कर जमकर पीटा। इसी बीच किसी ने सूचना देकर डायल 112 को मौके पर बुला लिया। लेकिन बताया जा रहा है कि पुलिस के पहुंचने से पहले ही आरोपी युवक चकमा देकर फरार हो गया। वहीं बताया जा रहा है कि एक मनचले ने महिला यात्री से छेड़छाड़ कर दी। जिसके बाद उसकी जमकर पिटाई लगाई गई।
रोडवेज की बस की सुरक्षा भगवान भरोसे, चालक ने बताई हकीकत
रक्षाबंधन के दिन सवारियों को ले जा रहे हैं एक ड्राइवर ने अपनी आपबीती सुनाई। जब ड्राइवर बस को नहीं चला रहा था तो उसे पूछा गया कि आखिर बस को लेकर क्यों नहीं जा रहे हो,तो उसने कहा मैं इस बस को बहुत ही मुश्किल से चला रहा हूं ,इस बस के टायर कट चुके है घिस चुके हैं और भी समस्याएं हैं। कभी भी बड़ी घटना हो सकती है।
अगर आरएम और एसएम से हम कहते हैं तो आरएम और एसएम हमारी सुनते नहीं, वर्कशॉप में कोई भी सामान नहीं है ,जिससे कि बस को ठीक किया जा सके। अब ऐसे में अगर सवारियों को लेकर बस को जाया जाए और वह रास्ते में खराब हो जाए या कोई दुर्घटना हो जाए तो फिर ड्राइवर को ही भुगतना पड़ता है। बस की मरम्मत के लिए कई बार अधिकरियों से कहा मगर कोई सुनने को तैयार नहीं है।
चालक वाली सीट पर महिलाओं ने किया कब्जा
रक्षाबंधन के दिन उत्तर प्रदेश परिवहन निगम की बसों को महिलाओं के लिए मुफ्त यात्रा की घोषणा की थी। महिलाओं को रोडवेज की बसों में सफर करना दिक्कत भरा साबित हुआ है। पांच-पांच घंटे से महिलाएं बसों में बैठी हुई हैं न तो ड्राइवर का पता है और ना ही कंडक्टर का। सीट पाने के लिए महिलाओं ने ड्राइवर की सीट पर ही कब्जा कर लिया।
दो घंटे से बस के इंतजार में खड़े हैं। मगर अभी तक मुरादाबाद जाने वाली बस का कोई अता पता नहीं है। पूछने पर कोई कर्मचारी भी बस कब आएगी नहीं बता रहा है। इससे गर्मी के चलते काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। – नीलम, बुखारपुरा
सरकार ने रक्षाबंधन के मौके पर मुफ्त यात्रा की घोषणा तो कर दी। मगर बस स्टैंड पर करीब एक घंटे से मुरादाबाद जाने के लिए का इंतजार कर रहे हैं। मगर बस का कोई अता पता नहीं है। -लक्ष्मी, बिहारीपुर
बहेड़ी जाने के लिए सुबह 10 बजे ही पुराने बस स्टैंड पर पहुंच गई थी। मगर अभी तक बहेड़ी जाने के लिए कोई बस नहीं मिली है। इससे काफी दिक्कत हो रही है। -प्रीति, नबादा सेखान
किच्छा जाना है। डेढ़ घंटे हो गए मगर अभी तक बस का अता पता नहीं है। कई बार पूछने पर भी कोई बताने को तैयार नहीं है कि किच्छा जाने के लिए बस कब आएगी। -माया, सुभाषनगर
सरकार के आदेश पर महिलाओं को 24 घंटे तक मुफ्त यात्रा कराई जा रही है। सभी रूटों पर भरपूर बसें चली। बसों के इंतजार करने की बात गलत है। परिवहन विभाग ने अपनी सभी बसों को रूटों पर उतार दिया है। -आरके त्रिपाठी, आरएम
