हल्द्वानी: स्कूलों में ही रोजगार की पढ़ाई करेंगे विद्यार्थी
हल्द्वानी, अमृत विचार। उत्तराखंड के सरकारी स्कूलों में अब रोजगार की पढ़ाई होगी। कुमाऊं के सभी जिलों में इस योजना के लिए स्कूलों का चयन किया गया है। इनमें सबसे ज्यादा स्कूल ऊधमसिंह नगर जिले के हैं। स्कूली शिक्षा के दौरान ही विद्यार्थियों को रोजगार से जुड़े विषयों की पढ़ाई कराई जाएगी। राज्य के 200 …
हल्द्वानी, अमृत विचार। उत्तराखंड के सरकारी स्कूलों में अब रोजगार की पढ़ाई होगी। कुमाऊं के सभी जिलों में इस योजना के लिए स्कूलों का चयन किया गया है। इनमें सबसे ज्यादा स्कूल ऊधमसिंह नगर जिले के हैं।
स्कूली शिक्षा के दौरान ही विद्यार्थियों को रोजगार से जुड़े विषयों की पढ़ाई कराई जाएगी। राज्य के 200 सरकारी स्कूलों में यह योजना शुरू की जा रही है, इसमें कुमाऊं के 94 स्कूल हैं। इनमें रोजगार से जुड़े आठ विषयों पर डिप्लोमा की तर्ज पर पढाई कराई जाएगी।
शिक्षा मंत्री अरविंद पांडे इस प्रोजेक्ट को 27 अगस्त को लांच करेंगे। शिक्षा मंत्री के अनुसार इस प्रोजेक्ट की मदद से छात्र सामान्य शिक्षा के साथ-साथ कौशल विकास की पढ़ाई भी करेंगे। रोजगार से जुडे़ कोर्स को हाईस्कूल और इंटरमीडिएट के पाठ़यक्रम में शामिल करने की उत्तराखंड विद्यालयी शिक्षा परिषद से वर्ष 2015 में ही मंजूरी मिल चुकी है।
कक्षा नौ से लेकर 12 वीं तक चार साल छात्र को अपने चुने विषय में प्रशिक्षण लेना होगा। चार साल की अवधि में छात्र अपने ट्रेड में पूरी तरह से दक्ष हो जाएंगे वर्चुअल क्लास रूप के साथ ही केंद्र सरकार ने राज्य को वर्ष 2010-11 में वोकेशनल कोर्स शुरू करने की अनुमति दे दी थी। लेकिन तब से यह प्रोजेक्ट फाइलों में ही फंसा था।
सरकार ने विजन इंडिया सर्विस कंपनी को इसकी जिम्मेदारी सौंपी है। रोजगार की पढ़ाई के तहत स्कूलों में टूरिज्म एंड हास्पिटेलिटी, आईटी, ब्यूटी एंड वैलनेस, ऑटोमोटिव, एग्रीकल्चर, मल्टीस्किलिंग, रीटेल, इलेक्ट्रॉनिक्स एंड हार्डवेयर, प्लंबर की पढ़ाई होगी। इसका फायदा यह होगा कि विद्यार्थी चाहें तो 12वीं के बाद ही अपना स्वरोजगार शुरू कर सकते हैं।
कुमाऊं मंडल के इन जिलों में चयनित किया गया है सकूलों को
अल्मोड़ा-14
बागेश्वर- 07
चंपावत- 10
नैनीताल 21
पिथौरागढ़-16
यूएसनगर- 26
इस प्रोजेक्ट को अभी 200 स्कूलों में शुरू किया जा रहा है। बाद में सकूलों की संख्या बढ़ाई जाएगी।
-अरविंद पांडे, शिक्षा मंत्री
