रामनगर: अटल उत्कृष्ट विद्यायल में छात्राओं ने अभिभावकों के साथ किया प्रदर्शन
रामनगर, अमृत विचार। राजकीय बालिका इंटर कॉलेज रामनगर को शासन द्वारा अटल उत्कृष्ट विद्यालय बनाने के बाद गरीब छात्राओं पर पड़ रहे आर्थिक बोझ पर अभिभावकों व छात्राओं ने गहरी नाराजगी जताई है। सोमवार को सीबीएससी बोर्ड से पढ़ाई करने के विरोध में छात्राओं व अभिभावकों ने विद्यालय के मुख्य द्वार पर धरना -प्रदर्शन किया। …
रामनगर, अमृत विचार। राजकीय बालिका इंटर कॉलेज रामनगर को शासन द्वारा अटल उत्कृष्ट विद्यालय बनाने के बाद गरीब छात्राओं पर पड़ रहे आर्थिक बोझ पर अभिभावकों व छात्राओं ने गहरी नाराजगी जताई है। सोमवार को सीबीएससी बोर्ड से पढ़ाई करने के विरोध में छात्राओं व अभिभावकों ने विद्यालय के मुख्य द्वार पर धरना -प्रदर्शन किया।
लगभग तीन घण्टे तक चले धरना प्रदर्शन के दौरान भाजपा सरकार व शिक्षा मंत्री के अटल उत्कृष्ट दर्जा फ़रमान के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गयी। विद्यालय को अटल उत्कृष्ट विद्यालय का दर्जा हटाने की मांग भी अभिभावकों द्वारा कर दी गयी। सोमवार को जब छात्राएं विद्यालय गयी तो प्रधानाचार्य केडी माथुर ने छात्राओं को सीबीएससी बोर्ड से शिक्षा ग्रहण करने का आग्रह किया।
जिस पर छात्राओं ने अपने अभिभावकों विद्यालय बुलाकर छात्राओं ने विद्यालय के मुख्य द्वार पर धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया। छात्राओं का आरोप हैं, उन्होंने विद्यालय में हिंदी मीडियम से पढ़ाई की है और परीक्षा का समय भी नज़दीक है, ऐसे में विद्यालय को अटल उत्कृष्ट का दर्जा दिया गया है। जो छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ है।
वर्षों से छात्राएं ने इस विद्यालय में हिंदी मीडियम की पढ़ाई की है। इंग्लिश मीडियम से छात्राओं को पढ़ाई करने में अब दिक्कत आएगी। छात्राओं के हंगामे पर उपखंड शिक्षा अधिकारी वंदना रौतेला व विद्यालय की प्रधानाचार्य केडी माथुर ने धरना स्थल पर पहुंच आक्रोशित छात्रों अभिभावकों को समझाने का प्रयास किया। लेकिन आक्रोशित छात्राओ व अभिभावकों ने उपखंड शिक्षा अधिकारी व प्रधानाचार्य की एक न सुनी।
इस दौरान आपस मे तीखी बहस भी हुई। छात्राओं व अभिभावकों ने कहा कि सरकार ने बिना अभिभावकों व छात्राओं की राय जाने और बिना सर्वे किए जीजीआईसी रामनगर को अटल उत्कृष्ट विद्यालय का दर्जा देकर उसे सीबीएससी बना दिया है। इस बोर्ड में जारी गाइड लाइन के अनुसार बोर्ड पंजीकरण शुल्क सहित अन्य शुल्कों का 25 सौ रुपये से तीन हजार तक खर्च आ रहा है। जबकि उत्तराखंड बोर्ड का पंजीकरण शुल्क मात्र 10 रुपया है। अभिभावक सीबीएसई बोर्ड के लिए निर्धारित शुल्क देने में असमर्थ हैं। उन्होंने कहा कि अगर उनकी मांगों को पूरा नहीं किया गया तो वह आंदोलन के लिए बाध्य होंगे। पूर्व सभासद ने कोर्ट जाने की बात कही है।
धरना स्थल पर पहुंचे जनप्रतिनिधियों ने छात्र व उनके अभिभावकों से वार्ता कर समस्या का समाधान करने के आश्वासन दिए जाने पर आक्रोशित अभिभावक व छात्राएं शांत हुए। विद्यालय के प्रधानाचार्य केडी माथुर ने बताया कि कक्षा 9 में 115 और कक्षा 11 में 700 छात्राएं हैं। उन्होंने बताया कि जुलाई माह से बच्चों को विद्यालय के उत्कर्ष दर्जा मिलने की जानकारी दी जा रही है साथ ही उन्हें सीबीएससी बोर्ड पढ़ाई होने की भी जानकारी दी गई लेकिन 90% छात्राएं ने उत्तराखंड बोर्ड से की पढ़ाई करने जाहिर की हैं।
खंड शिक्षा अधिकारी वंदना रौतेला ने बताया कि विकल्प के तौर पर छात्राओं का पंजीकरण राजकीय इंटर कॉलेज में कराया जाएगा और छात्राओं की शिक्षा अटल उत्कृष्ट विद्यालय बालिका इंटर कॉलेज में कराई जाएगी। शासन से अनुमति मिलने के उपरांत छात्राओं की हित के लिए कार्यवाही की जायेगी।सीईओ केके गुप्ता ने बताया कि यह शासन के स्तर का मामला है।
छात्राओं को स्कूल से नहीं निकाला जाएगा।इस मामले में उच्च अधिकारियों से बात की जा रही हैं।इस मामले में वैकल्पिक व्यवस्था भी की जा रही हैं।इस दौरान सभासद भुवन डंगवाल,गुलाम सादिक़,सभासद मोहम्मद मुजाहिद सिद्दीकी, सभासद भुवन शर्मा, सभासद मुंतजिर राजा,सभासद अज़मल,सभासद अज़मल,सभासद प्रतिनिधि नदीम क़ुरैशी, पूर्व सभासद नजाकत अली,पूर्व सभासद जिकरान कुरैशी, हरीश राम,अहमद हसन,रमेश चन्द्र,छात्रा शाहिना परवीन,शहाना,रुखसाना, आरिफा मौजूद रहे।
