टनकपुर: बहिष्कार खत्म और अधूरी रह गईं मांगें
टनकपुर, अमृत विचार। उत्तराखंड परिवहन मिनिस्ट्रीयल कर्मचारी संघ के प्रदेश आह्वान पर उप संभागीय परिवहन कार्यलय टनकपुर के कर्मचारियों का दो दिवसीय कार्य बहिष्कार कार्यक्रम संपन्न हो गया। पहले चरण के आंदोलन में कर्मचारी बाहों में काला फीता बांधकर और दूसरे चरण में दो घंटे का कार्य बहिष्कार कर अपना आक्रोश जता चुके हैं। कार्य …
टनकपुर, अमृत विचार। उत्तराखंड परिवहन मिनिस्ट्रीयल कर्मचारी संघ के प्रदेश आह्वान पर उप संभागीय परिवहन कार्यलय टनकपुर के कर्मचारियों का दो दिवसीय कार्य बहिष्कार कार्यक्रम संपन्न हो गया। पहले चरण के आंदोलन में कर्मचारी बाहों में काला फीता बांधकर और दूसरे चरण में दो घंटे का कार्य बहिष्कार कर अपना आक्रोश जता चुके हैं।
कार्य बहिष्कार के दौरान कर्मचारियों ने परिवहन निगम कार्यालय के गेट पर धरना दिया और अपनी मांगों के समर्थन में नारेबाजी की। कर्मचारियों का कहना है कि जून 2020 में परिवहन विभाग के नया ढांचा स्वीकृत किया गया था।
शासनादेश जारी करते समय शासन ने वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी के पदों पर त्रुटिवश गलत अंकना कर दी थी। तब से कर्मचारी भूल सुधार की मांग कर रहे हैं, लेकिन सरकार इस ओर ध्यान नहीं दे रही है। कहा कि शासन की इस लापरवाही के कारण पिछले डेढ़ साल से मिनिस्ट्रीयल कैडर के कर्मचारियों की पदोन्नति नहीं हो पा रही है।
इससे कई सेवारत कर्मचारी पदोन्नति एवं वित्तीय लाभ से वंचित हो गए हैं। कार्य बहिष्कार कार्यक्रम के दौरान शाखा टनकपुर, चम्पावत के जिलाध्यक्ष पूरन चंद्र पांडेय, रमेश चंद्र तिवारी, जगदीश चंद्र भट्ट, नवीन चंद्र भट्ट, तारादत्त खोलिया, रोहित कुमार, भगवान सिंह आदि थे।
