बरेली: गुलाब राय की गर्दन में सटा कर मारी गई थी गोली
बरेली, अमृत विचार। जल निगम के जूनियर फिटर की मौत के मामले में मौके पर मिले साक्ष्य गुलाब राय की हत्या की ओर इशारा कर रहे थे लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट आत्महत्या की ओर इशारा कर रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार गुलाबराय के सिर और गर्दन में ब्लैकनिंग मिली है। ऐसा तब होता है जब …
बरेली, अमृत विचार। जल निगम के जूनियर फिटर की मौत के मामले में मौके पर मिले साक्ष्य गुलाब राय की हत्या की ओर इशारा कर रहे थे लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट आत्महत्या की ओर इशारा कर रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार गुलाबराय के सिर और गर्दन में ब्लैकनिंग मिली है। ऐसा तब होता है जब गोली सटाकर मारी जाए। अक्सर आत्महत्या के मामलों में ब्लैकनिंग आती है। इसी बात को आधार मानकर पुलिस उनकी आत्महत्या की बात कह रही है।
सुरेश शर्मा नगर के बीडीए कॉलोनी निवासी गुलाब राय (50) जल निगम में जूनियर फिटर के पद पर तैनात थे। 2014 में ट्रेन हादसे में उनके दोनों पांव ट्रेन की चपेट में आने से काटने पड़े थे। वह बुधवार को गांधी नगर स्थित अपने कार्यालय में गए थे। शाम लगभग 8 बजे गुलाब राय का शव उनके ऑफिस में खून से लथपथ हालत में पड़ा था।
उनके शव के पास एक पुराना तमंचा मिला था। पुलिस का कहना था कि गुलाब राय ने खुद को गोली मारकर आत्महत्या की है लेकिन उनके शव और आसपास में मिले साक्ष्य उनकी हत्या की ओर इशारा कर रहे थे। गुरुवार को पुलिस ने पैनल के माध्यम से शव का पोस्टमार्टम कराया।
गुलाब राय की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सिर और गर्दन में ब्लैकनिंग आई है। ब्लैकनिंग तब आती है जब को गोली को सटाकर मारता है। पीएम रिपोर्ट के अनुसार गुलाब राय ने गोली मारकर आत्महत्या की है। -शितांशु शर्मा, इंस्पेक्टर प्रेमनगर
हत्या की ओर इशारा करते साक्ष्य
- अगर गुलाब राय ने उलटे हाथ से खुद को गोली मारी तो उनके हाथ से तमंचा उलटी तरफ ही गिरना चाहिए थे। जबकि तमंचा उनके सीधे हाथ की तरफ शव से 12-13 फीट की दूरी पर था।
- मौके पर टूटे मिले गुलाब राय के शर्ट के बटन इशारा कर रहे हैं कि उनकी किसी से हाथपाई हुई। पुलिस को मौके से एक दूसरी शर्ट के तीन बटन मिले हैं। वह बटन किसके हैं इसका पता नहीं लग सका है।
- गुलाब राय के भाई का कहना है कि उनके भाई के पांव कटने के बाद जब उन्होंने सुसाइड नहीं किया तो अब अचानक उन्होंने आत्महत्या क्यों कर ली।
- गुलाब राय अपने साथ के लोगों के खिलाफ शिकायत करते थे। इस कारण उनकी अपने साथियों के साथ नहीं पटती थी। ऐसे में कोई उनकी हत्या की साजिश भी रच सकता है।
- दिव्यांग व्यक्ति को यदि आत्महत्या करनी हो तो वह कुर्सी पर या बिस्तर पर बैठकर सुसाइड करेगा लेकिन गुलाब राय ने बैसाखी के सहारे खड़े होकर खुद को गोली क्यों मारी यह बात लोगों की समझ से परे हैं।
