हल्द्वानी: नियम टूट रहे थे और मुस्कुरा रहे थे केजरीवाल…

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Edited By Amrit Vichar
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हल्द्वानी, अमृत विचार। विधानसभा चुनाव का शंखनाद करने कुमाऊं के पहले दौरे पर पहुंचे देश की राजधानी दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने एक-एक कर कोविड प्रोटोकॉल के सारे नियम तोड़ डाले। भारी जनसमूह के बीच मौजूद केजरीवाल ने न तो खुद कोविड प्रोटोकॉल का ख्याल रखा और न ही उन्हें ख्याल रखने को कहा जो …

हल्द्वानी, अमृत विचार। विधानसभा चुनाव का शंखनाद करने कुमाऊं के पहले दौरे पर पहुंचे देश की राजधानी दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने एक-एक कर कोविड प्रोटोकॉल के सारे नियम तोड़ डाले। भारी जनसमूह के बीच मौजूद केजरीवाल ने न तो खुद कोविड प्रोटोकॉल का ख्याल रखा और न ही उन्हें ख्याल रखने को कहा जो उनके एक इशारे पर पूरे राज्य से हल्द्वानी में उमड़ पड़े थे। कोविड प्रोटोकॉल के नियम की ये चिता अरविंद केजरीवाल के रोड शो (तिरंग यात्रा) में जली।

उत्तराखंड में आम आदमी पार्टी की राजनीतिक जमीन तलाश रहे अरविंद केजरीवाल रविवार को कुमाऊं के प्रवेश द्वार हल्द्वानी पहुंचे। पहले वो मीडिया से मुखातिब हुए और पहली ही मुलाकात में उन्हें पत्रकारों की बेरूखी झेलनी पड़ी। इसके बाद बरेली रोड स्थित लक्ष्मी शिशु मंदिर से उनका रोड शो था। रोड शो पूरे प्रदेश से लोग जुटाए गए।

हाथों में तिरंगा और सिर पर आम आदमी की टोपी पहने लोग केजरीवाल को देखने के लिए उतावले थे। करीब 3 बजे बजे केजरीवाल रोड शो में शामिल हुए और सड़क पर मौजूद भीड़ देखने के बाद उनकी खुशी का ठिकाना नहीं रहा। वो लगातार मुस्कुरा रहे थे और कोविड प्रोटोकॉल के नियम एक-एक कर टू रहे थे। केजरीवाल के मुंह पर मास्क नहीं था। केजरीवाल के साथ रथ पर उत्तराखंड में मुख्यमंत्री का चेहरा रिटायर्ड कर्नल अजय कोठियाल भी बिना मास्क थे। हद तो तब हुई जब हजारों की भीड़ केजरीवाल के नक्शे कदम पर चलती दिखाई दी। न किसी न मास्क लगाया और सोशल डिस्टेंसिंग का तो नामो-निशान तक नहीं था। ऐसे में जिले के प्रशासन और पुलिस पर भी अंगुली उठनी लाजमी है। जबकि मौजूदा दौर में उत्तराखंड में महामारी एक्ट लागू है।

हल्द्वानी वालों को भारी पड़ सकती है केजरीवाल की लापरवाही
अगर आपको उत्तराखंड आना है तो कोविड प्रोटोकॉल का पालन करना होगा। यानि कोविड की नेगेटिव रिपोर्ट जरूरी है और साथ ही मुंह पर मास्क और सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करना होगा। अन्यथा महामारी एक्ट के तहत रिपोर्ट दर्ज हो सकती है। हालांकि केजरीवाल की तिरंगा यात्रा में न तो नियम का पालन हुआ और न कार्रवाई। इतनी बड़ी मात्रा में पार्टी कार्यक्रम के नाम पर लोग हल्द्वानी तो पहुंच गए, लेकिन भविष्य में ये भीड़ हल्द्वानी के लोगों को भारी पड़ सकती है और इसकी वजह है कोरोना की संभावित तीसरी लहर।

महामारी एक्ट के दौरान कोविड नियमों के लिए प्रोटोकॉल
1-किसी भी तरह की भीड़ इकट्ठी नहीं की जा सकती है। कार्यक्रमों में केवल 40 लोग आ सकते हैं।
2-मास्क की अनिवार्यता जरूरी है।
3-सोशल डिस्टेंसिंग के नियमों का पालन होना चाहिए।
4-बाहरी राज्य से आने वाले सभी लोगों की आरटीपीसीआर निगेटिव रिपोर्ट होना जरूरी।

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